बरेली। मिनी बाइपास पर बजरी भरी ट्रैक्टर-ट्राॅली ने पीछे से स्कूटी को टक्कर मार दी। इससे फिरदौस और उनकी तीन साल की बेटी जन्नत की मौत हो गई। दूसरी बेटी अक्सा घायल हो गई। फिरदौस दवा लेने मिनी बाइपास आई थीं।
परतापुर चौधरी के मदार चौक निवासी शमशुल हक रेलवे वर्कशॉप में कर्मचारी हैं। बुधवार दोपहर उनकी पत्नी फिरदौस अख्तर (35), बेटी जन्नत (3) और अक्सा (14) के साथ स्कूटी से कर्मचारी नगर के एक अस्पताल से दवा लेने गई थीं। वहां से लौटते समय निर्माणाधीन रोडवेज बस अड्डे के पास पीछे से रेता बजरी लेकर आई ट्रैक्टर-ट्राॅली ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। इससे तीनों मां-बेटी जमीन पर गिर पड़ीं।
ट्रैक्टर-ट्राॅली के पहिये से दबकर फिरदौस और जन्नत की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने टक्कर मारने वाली ट्रैक्टर-ट्राॅली और उसके चालक को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। इज्जतनगर थाना प्रभारी जयशंकर सिंह ने अक्सा को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। पूछताछ में पता लगा कि ट्रैक्टर चालक मठ कमलनयनपुर निवासी विक्की सागर है।
एक्सीडेंट में मां-बेटी की मौत की सूचना पर परिजन, परिचित व रिश्तेदार पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। उन्होंने सवाल उठाया कि दिनभर मिनी बाइपास पर बजरी व रेत भरे ओवरलोड वाहन दौड़ते रहते हैं। इस तरह के वाहन क्या पुलिस की शह के बिना दौड़ रहे हैं? पुलिस-प्रशासन को इस पर लगाम लगानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसा कोई और हादसा न हो।