बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान में चल रहे 26वें इंडियन वेटरनरी कांग्रेस और 33वें आईएएवीआर वार्षिक सम्मेलन का शुक्रवार को समापन हुआ। दो दिवसीय सम्मेलन में पशु रोग नियंत्रण और उत्पादकता बढ़ाने पर वैज्ञानिकों ने मंथन किया। 150 से ज्यादा व्याख्यान हुए।
आयोजन सचिव डॉ. रविकांत अग्रवाल ने बताया कि सम्मेलन के दौरान छह प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई। इसमें पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए वैक्सीन, डायग्नोस्टिक्स में प्रगति, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस और वन हेल्थ, वन्यजीव, प्रयोगशाला पशु, खाद्य सुरक्षा, चिकित्सा उपाय : एकीकृत दृष्टिकोण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आयुर्वेद, फार्माकोविजिलेंस और पशु उत्पादन, औद्योगिक-शैक्षणिक सहभागिता शामिल रहे। मुख्य अतिथि केंद्रीय गो अनुसंधान संस्थान मेरठ के डॉ. अमरेश कुमार और डॉ. अशोक कुमार मोहंती ने आयोजन को सराहा और प्रेरणादायक बताया।
केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान के कार्यवाहक निदेशक डॉ. जगबीर सिंह त्यागी, आईवीआरआई के संयुक्त निदेशक डॉ. एसके सिंह, आईएएवीआर के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. एसएन सिंह, सचिव डॉ. ऋषेंद्र वर्मा, वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक समेत अंशुक शर्मा, डॉ. अनीशा व अन्य लोग मौजूद रहे।
नए अनुसंधान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद
मुख्य अतिथि ने सम्मेलन में चर्चा के आधार पर भविष्य में अनुसंधान समेत नीतिगत सुझाव, व्यावहारिक समाधान, सतत पशुधन विकास, सुदृढ़ पशु स्वास्थ्य प्रबंधन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई। दूसरे दिन छह प्लेनरी व्याख्यान, 36 लीड लेक्चर, 29 मौखिक प्रस्तुतियां, 107 पोस्टर प्रस्तुतियां शामिल रहीं। 26 कंपनी प्रायोजकों, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद का सहयोग रहा। ब्यूरो