पिता को बच्ची जिस कमरे में बैठी मिली उसका दरवाजा खुला हुआ था। स्कूल परिसर के सिर्फ गेट पर ताला पड़ा था। ग्रामीणों का कहना है कि बच्ची या तो कमरे में सो गई होगी या फिर खुद ही वहां छिपकर बैठी होगी। उन्होंने बताया कि बच्ची कुछ दिन पहले भी इसी तरह पड़ोस के एक घर में छिप गई थी। परिजन के काफी तलाश करने पर वह मिली थी। बताया कि स्कूल जिस रास्ते पर है उस पर हर समय आवाजाही रहती है, आसपास में कई घर भी हैं। ऐसे में यदि वह आवाज लगाती या रोती तो किसी न किसी को पता चला जाता।
वहीं स्कूल की प्रिंसिपल निर्मला देवी का कहना है कि बच्ची की दादी स्कूल आई थी और वह उसका बैग ले गई थीं, इसलिए स्टाफ को लगा होगा कि वह अपने भाई के साथ घर चली गई होगी।
बच्ची को स्कूल में बंद कर जाने का मामला गंभीर है। विद्यालय के स्टाफ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब संतोषजनक न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - शशांक शेखर मिश्रा, खंड शिक्षा अधिकारी, फरीदपुर