बिशारतगंज के सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय के शिक्षक नवल किशोर गंगवार की बुधवार सुबह नल पर पानी भरते समय करंट लगने से मृत्यु हो गई। वह किराये में मकान में रहते थे। घटना की सूचना मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया।
बरेली के बिशारतगंज कस्बा स्थित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में कार्यरत शिक्षक बुधवार सुबह नल पर पानी भरने के दौरान करंट लगने से अचेत हो गए। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। आचार्य की मौत से विद्यालय में शोक छा गया। अवकाश घोषित कर दिया गया।
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मूल रूप से थाना भुता क्षेत्र के गांव केसरपुर सरकटा निवासी नवल किशोर गंगवार 30 वर्ष पिछले तीन साल से विद्यालय में कार्यरत थे। कस्बे के वार्ड चार निवासी राकेश साहू के मकान में किराए पर अपने साथी आचार्य जितेंद्र कुमार के साथ रहते थे। बुधवार सुबह स्नान करने के बाद वह खाना बनाने के लिए नल पर पानी भरने गए। करंट लगने से नल से चिपककर अचेत हो गए। साथी आचार्य जितेंद्र कुमार ने उन्हें देखा और नल से अलग किया।
अचेत अवस्था में उन्हें मझगवां सीएचसी ले जाया गया। जहां हालत गंभीर देख डाक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। सूचना पर परिजन जिला अस्पताल पहुंच गए। शव को बिना पोस्टमार्टम कराएं घर ले गए जहां उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। कुछ वर्ष पूर्व ही उनकी शादी हुई थी। घटना से उनके परिवार में कोहराम मच गया।
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सरिया में बांधा गया था स्ट्रीट लाइट का तार
आचार्य की मौत से शोक विद्यालय में छा गया। अवकाश घोषित कर दिया गया। नल में करंट आने के संबंध में मकान मालिक का कहना है कि नगर पंचायत की स्ट्रीट लाइट का तार उनके छज्जे में निकल रही सरिया में किसी कर्मचारी ने बांध दिया जिससे करंट फैला। उन्होंने बताया कि स्ट्रीट लाइट का तार हटने के बाद करंट खत्म हो गया।