बरेली। बेसिक शिक्षा के बच्चों को बुनियादी शिक्षा से जोड़ने के लिए नई शिक्षा नीति के तहत स्कूल रेडिनेस कार्यक्रम चलाया जाएगा। छह वर्ष की आयु तक बच्चों में बुनियादी साक्षरता और अंकीय दक्षता हासिल करने के लिए प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल की गई है। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी प्रशिक्षित की जाएंगी। बच्चे दैनिक व्यवहार में आने वाली चीजों से सीखें, और बेहतर समझ सकें इसके लिए यह प्रयास किया गया है।
मंगलवार को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संजय कम्युनिटी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में हमारा आंगन हमारे बच्चे उत्सव में रेडिनेस कार्यक्रम की आख्या प्रस्तुत की गई। इस दौरान विभिन्न ब्लॉकों के शिक्षकों ने टीचिंग लर्निंग मटीरियल (टीएलएम) का स्टॉक लगाया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। बीएसए विनय कुमार ने बताया कि इस वर्ष विभाग का प्रयास है कि बच्चों को समय से किताबें मिल सकें। कार्यक्रम में बिथरी विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा, नवाबगंज विधायक एमपी आर्य, मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा और डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने कुछ विद्यालयों के बच्चों को पुस्तकें वितरित कीं। डीआईओएस सोमारू प्रधान, सभी बीईओ, एसआरजी, एआरपी और शिक्षक मौजूद रहे।
रेडिनेस के अहम पहलू
- ग्रामीण क्षेत्रों में चहक बैठकें आयोजित की जाएंगी।
- शिशुमित्र बैठकों के जरिये अभिभावकों को जोड़ेंगे।
- विद्या प्रवेश के तहत भाषा और गणित पर जोर।
- गतिविधि आधारित शिक्षण प्रणाली से सीखेंगे विद्यार्थी।
- तैयार विद्यालय, तैयार अभिभावक, तैयार शिक्षक है थीम।