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Bareilly News: भूमि विक्रय अनुमति के लिए तीन महीने से लटके अनुसूचित जाति के आवेदन

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बरेली। अनुसूचित जाति के भूमिधरों के भूमि विक्रय की अनुमति से जुड़े आवेदनों का निस्तारण भी एसडीएम समय से नहीं कर पा रहे हैं। समय-सीमा पार कर चुके 24 मामलों में एसडीएम डिफाल्टर भी हो चुके हैं। इनमें सात आवेदन ऐसे हैं, जो निश्चित अवधि से भी अधिक समय से लंबित हैं। इन्हें प्रकरणाें के निस्तारण के लिए एडीएम प्रशासन ने पत्र लिखकर याद दिलाई है। इन आवेदनों में कई मामले तीन महीने से लंबित हैं। यह आवेदन सदर, बहेड़ी, आंवला, फरीदपुर, नवाबगंज और मीरगंज तहसीलों में लंबित हैं।
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अनुसूचित जाति के भूमिधरों के जमीन बेचने की अनुमति संबंधी मामलों का यह हाल तब है जब एक बार फिर अभी 11 नवंबर को राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव ने डीएम को आवेदनों को समय रहते निस्तारित करने के आदेश जारी किए हैं। 11 नवंबर को एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह ने एसडीएम को पत्र लिखकर बताया है कि उप्र राजस्व संहिता की धारा-98 के ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों का निस्तारण नियत समय-सीमा में करने के निर्देश हैं। सूची में शामिल 24 लंबित मामलों में सात आवेदन पत्र ऐसे हैं, जो 35 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं। ऐसे में अक्तूबर महीने में धारा-98 में सीएम डैश बोर्ड पर बरेली जिले को आठ अंक के साथ बी-ग्रेड प्राप्त हुआ है। एडीएम ने एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि लंबित आवेदन पत्रों की जांच कर तत्काल डीएम कार्यालय को रिपोर्ट दें, ताकि संबंधित मामलों में आवेदकों को अनुमति प्रदान की जा सके।

आवेदन लंबित रखने में डिफाल्टर हो गए एसडीएम
मीरगंज तहसील में राधेश्याम सागर का आवेदन चार अगस्त से, नवाबगंज में रामपाल का आवेदन आठ अगस्त और सदर तहसील में रेखा आर्या की अर्जी दो अगस्त से लंबित है। ऐसे ही बहेड़ी तहसील में सितंबर महीने से बाधूराम, शिशुपाल, रोशन लाल, राम स्वरूप का और अक्तूबर से मटरू लाल, खेमकरन, जयपाल के प्रार्थना पत्र निस्तारित नहीं हुए हैं। सदर तहसील में सितंबर से विमला जयंत और अक्तूबर से लालता प्रसाद, अनुपमा वर्मा, पोथीराम, सुरेश, मौजीलाल के आवेदन लंबित हैं। आंवला में रेनू व नंद किशोर और फरीदपुर में राधेश्याम, संतोष कुमार व विजेंद्र के आवेदन लंबित हैं। नवाबगंज में प्रेम सिंह व मुक्ता प्रसाद का प्रार्थना पत्र निस्तारित नहीं हुआ है। मीरगंज में भी मोहन स्वरूप का आवेदन आठ सितंबर से लंबित है। इन सभी आवेदनों के निस्तारण न होने से एसडीएम डिफाल्टर हो चुके हैं। संवाद
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