बरेली। रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का अकाल है। पानी की गुणवत्ता और शौचालयों की स्थिति पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। कैग की रिपोर्ट आने के बाद सोमवार को प्लेटफॉर्म नंबर एक और दो से पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए दिल्ली स्थित प्रयोगशाला भेजे गए हैं। हालांकि, अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जंक्शन पर पानी की गुणवत्ता मानक के अनुरूप है। एक साल से पानी का कोई सैंपल फेल नहीं हुआ है।
कैग की जांच में 512 में से 458 स्टेशनों पर न्यूनतम जरूरी सुविधाएं मानक के अनुरूप नहीं पाई गईं। बरेली जंक्शन पर सामान्य दिनों में रोज औसतन 45 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। यात्री सुविधाओं के मामले में प्लेटफॉर्म नंबर एक को छोड़ दें तो दो से लेकर छह नंबर तक स्थिति बेहतर नहीं है। प्लेटफॉर्म नंबर पांच और छह की स्थिति ज्यादा खराब है। पेड शौचालयों को छोड़ दें तो अन्य की दशा काफी खराब है। हालांकि, रेलवे की ओर से समय-समय पर ऑडिट किया जाता है। इसके बाद भी अव्यवस्थाएं दूर नहीं हो रही हैं।
रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाले पानी, खान-पान की सामग्री और साफ सफाई के लिए स्वास्थ्य विभाग जिम्मेदार होता है, जबकि यात्री सुविधाओं के लिए वाणिज्य विभाग उत्तरदायी है। दोनों विभागों के बीच तालमेल ठीक न होने का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है।
जंक्शन पर पानी की गुणवत्ता मानक के अनुसार है। कैग की रिपोर्ट आने के बाद सोमवार को प्लेटफॉर्म नंबर एक और दो से पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए रेलवे की दिल्ली स्थित प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। - अमर सिंह मीना, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक, बरेली जंक्शन