ऑनलाइन फास्टैग खरीदकर तमाम लोगों ने खुद ही विंड स्क्रीन पर गलत जगह चस्पा कर लिया। इससे टोल प्लाजा पर पहुंचे ऐसे वाहनों के टैग स्कैन नहीं हो पा रहे हैं। इस पर टोल कर्मियों से नोकझोंक हो रही है और लंबा जाम भी लग रहा है। उधर, टैग लगाने की अवधि बढ़ने से लोगों की परेशानी थोड़ी कम हुई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) 15 दिसंबर से सभी टोल प्लाजा पर फास्टैग अनिवार्य कर रही थी, लेकिन तैयारी पूरी नहीं होने और वाहनों के अनुपात में टैग बिक्री कम होने पर इसकी अवधि आगे बढ़ा दी गई है। एनएचएआई ने कहा है कि इस अवधि में लोग अपने फास्टैग खरीद लें। उधर, ऑनलाइन खरीद करने वालों को नई समस्याएं सामने आ रही हैं।
वाहन मालिकों ने वाहनों के फ्रंट विंड स्क्रीन पर टैग गलत जगह चस्पा कर लिए हैं, जिसके चलते टोल पर लगे कैमरे उन्हें स्कैन नहीं कर पा रहे हैं। इसके साथ ही कई वाहन ऐसे भी आए जिनके टैग में बैलेंस ही नहीं था। इसे लेकर वाहन चालकों से रविवार को काफी नोकझोंक होती रही। इस कारण काफी देर तक जाम की स्थिति भी बनी रही।
नकुलगंज निवासी शाकिर अली की कार में फास्टैग गलत जगह लगा था। फास्टैग लाइन में जाने के बाद भी बूथ पर लगे कैमरों से फास्टैग स्कैन नहीं होने के कारण शाकिर को लौटना पड़ गया। बाद में उनकी फास्टैग लगाने वाली एजेंसी के लोगों से झड़प हो गई। टोल प्लाजा प्रभारी श्यामवीर सिंह ने बताया कि 30 दिसंबर तक कैश का चार्ज डबल नहीं लिया जाएगा। टोल पर केवल दो लाइन सामान्य यानी कैश और बाकी लेन फास्टैग के लिए बना दी गईं हैं।