बदायूं। नगर पालिका परिषद बदायूं में वर्ष 2018 से 2023 तक हुए डीजल घोटाले की जांच एक साल बाद भी फाइलों में दबी हुई है। तत्कालीन डीएम के आदेश पर जांच शुरू हुई थी, सिटी मजिस्ट्रेट इस मामले की छानबीन कर रहे थे। आरोप था कि नगर पालिका अध्यक्ष फात्मा रजा के समय में वर्ष 2017-18 में डीजल 41.61 लाख रुपये का खर्च हुआ था। उसी साल नगर पालिका परिषद का चुनाव हुआ और पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल बनीं। उसके बाद से हर साल एक करोड़ रुपये डीजल खपत की गई। यह जांच एक साल बाद भी फाइलाें में दबी हुई है।
पिछले पांच साल में खराब पड़े जनरेटरों की बात करें तो इन पर 5.33 करोड़ रुपये का डीजल खर्च हुआ है। वर्ष 2017-18 में 41 लाख रुपये तो वहीं वर्ष 2018-19 में डीजल का खर्चा बढ़कर 81 लाख तक पहुंच गया। वर्ष 2019-20 में डीजल 78.80 लाख रुपये का खर्च हुआ। वर्ष 2020-21 में डीजल का खर्चा बढ़कर 1.11 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं, 2021-22 में डीजल 1.61 करोड़ रुपये का खर्च हुआ।
इतना ही नहीं वर्ष 2022-23 में 88.44 लाख रुपये का डीजल खर्च दर्शाया गया। इस मामले की जांच ठीक तरीके से हो जाए तो कई कर्मचारी, अधिकारी और नेता लिप्त मिलेंगे।
ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इस तरह की जांच की फाइल मेरे सामने नहीं आई है। अगर ऐसी जांच फाइल होगी तो आज ऑफिस में दिखवाएंगे। अगर जांच तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट ने की है तो जाहिर है कि फाइल होनी चाहिए। फाइल देखने के बाद ही कुछ बता सकते हैं। अरुण कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट व ईओ नगर पालिका बदायूं।