महाकुंभ में बसों की मरम्मत पर खर्च किए 25 लाख
प्रयागराज महाकुंभ के लिए बरेली परिक्षेत्र की 430 बसों को आवंटित किया गया था। बाद में यह संख्या बढ़ाकर 500 कर दी गई। इन बसों की मरम्मत पर भी 25 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। इसके बाद भी बसों के ब्रेक डाउन होने की शिकायतें आती रहीं। महाकुंभ के दौरान ममता इंटरप्राइजेट का ठेका यह कहते हुए निरस्त कर दिया गया कि फर्म ने बसों की मरम्मत में गड़बड़ी की है, लेकिन पिछले दरवाजे से सेवा प्रबंधक धनजी राम इसी फर्म से काम लेते रहे। फर्म को काली सूची में भी नहीं डाला गया।
एक एआरएम निलंबित, तीन पर कार्रवाई बाकी
भ्रष्टाचार के मामले में सेवा प्रबंधक धनजी राम समेत बदायूं डिपो के एआरएम अजय सिंह को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन अब तक बरेली डिपो के एआरएम संजीव श्रीवास्तव, रुहेलखंड डिपो के एआरएम अरुण कुमार वाजपेयी और पीलीभीत डिपो के एआरएम पवन श्रीवास्तव पर कार्रवाई नहीं हुई है। यह तीनों एआरएम भी बसों की मरम्मत के खेल में दोषी पाए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि देर-सवेर इन तीनों पर भी निलंबन की गाज गिर सकती है। साथ ही, 13 अन्य कर्मचारी भी दोषी पाए गए हैं।
2023 में भी खुला था भ्रष्टाचार, दो पर गिरी थी गाज
सितंबर 2023 में भी रोडवेज बसों की मरम्मत में भ्रष्टाचार सामने आया था। तब साईं इंटरप्राइजेज का ठेका निरस्त कर वित्तीय अनियमितता के आरोप में क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में तैनात सहायक सनी अरोरा और सेवा प्रबंधक कार्यालय के सहायक ललित अग्रवाल को निलंबित किया गया था। 20 लाख रुपये के इस घोटाले को अफसर दबा गए। किसी बड़े अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।