फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शासन ने की कार्रवाई, दातागंज के ईओ और लिपिक घोटालों में निलंबित

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। दातागंज को बेहतर बनाने के काम नगर पालिका की ओर से किए गए, ताकि नगर को साफ सुथरा और सुंदर बनाया जा सके, लेकिन इसकी आड़ में नगर पालिका प्रशासन ने लाखों रुपये का घोटाला कर लिया। शिकायत होने पर जब इसकी जांच की गई, तो जांच में लोकधन के दुरुपयोग का मामला भी सामने आया। प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी। शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दातागंज में तैनात रहे तत्कालीन ईओ मंजूर अहमद और लिपिक प्रत्यांशु सक्सेना को तुरंत निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। शासन के रुख को देखते दातागंज चेयरमैन की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं।
विज्ञापन

स्वच्छता के लिहाज से जिस प्रकार दातागंज नगर पालिका जिले में अलग स्थान रखती है, ठीक उसी प्रकार घोटाले के मामले में भी वह पीछे नहीं है। वहां पर अंदरखाने लगातार गोलमाल पर गोलमाल किया जा रहा था। जानकारी होने पर कुछ लोगों ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन से लेकर शासन तक से की। कुछ सदस्यों द्वारा भी शिकायत की गई। जब तक जिला प्रशासन कुछ निर्णय लेता, उससे पहले ही शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए डीएम को इसकी जांच कर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। शासन से मिले निर्देश के बाद में डीएम दिनेश कुमार सिंह ने सीडीओ, वरिष्ठ कोषाधिकारी व डीआरडीए के एई को इसकी जांच करने के निर्देश दिए। उसके बाद में टीम इसकी जांच करने के लिए पहुंची। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद मामला और चर्चा में आ गया। टीम ने इसकी गहनता से जांच की। जांच में टीम ने पाया कि दातागंज में किए गए कामों में वित्तीय अनियमितताएं बरती गई है। साथ ही लोकधन के दुरुपयोग का मामला भी सामने आया। जांच टीम ने इसकी रिपोर्ट बनाकर डीएम को सौंपी। डीएम ने जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी। रिपोर्ट मिलने के बाद में स्थानीय निकाय की निदेशक डॉ. काजल ने दातागंज के तत्कालीन ईओ मंजूर अहमद और लिपिक प्रत्यांशु सक्सेना को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही विभागीय कार्रवाई करने को भी कहा है।
दातागंज पालिकाध्यक्ष भी आ सकते हैं कार्रवाई की जद में
- नगर पालिका दातागंज में हुए घोटाले के मामले में जिस प्रकार तत्कालीन ईओ और लिपिक पर कार्रवाई हुई है, उससे लगता है कि जल्द ही दातागंज पालिकाध्यक्ष भी इसकी जद में आ सकते हैं।
विज्ञापन

इन शिकायतों पर भी हो रही है जांच
-नगर पालिका दातागंज के चेयरमैन आकाश वर्मा के खिलाफ वार्ड सदस्यों ने भी जिला प्रशासन और शासन शिकायत की थी। इसमें कूड़ेदान खरीद, लाइटों का फर्जी भुगतान, बैनर होर्डिंग्स, बिजली सामग्री, कैमरा खरीदने, वाटर टैंकरों, बारातघर की रंगाई-पुताई, हैंडपंप मरम्मत-रिबोर, डीजल, निर्माण कार्यों समेत फर्जी बिल बाउचर समेत 24 बिंदुओं पर शिकायतें की गई, जिसकी जांच चल रही है।
मैं अभी जिले से बाहर हूं, मामला मेरी जानकारी में नहीं है। वापस आने पर देखता हूं कि क्या पत्र शासन से आया है। उसे देखकर ही इसके बारे में कुछ बता सकता हूं।
विज्ञापन

-आकाश वर्मा, नगर पालिकाध्यक्ष दातागंज
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें