सावन का आठवां और माह की विदाई का अंतिम सोमवार है। इसमें त्रिभुवन स्वामी देवाधिदेव महादेव अपने भक्तों को सौभाग्य की वृद्धि के लिए आयुष्मान का वरदान देंगे। ज्योतिष के अनुसार, सावन के आखिरी सोमवार को प्रात: 9:54 बजे तक आयुष्मान योग रहेगा। उसके उपरांत सौभाग्य योग व्याप्त हो जाएगा। इन दोनों योगों का संयोग अंतिम सोमवार के महत्व को कई गुना अधिक बढाएगा। ये दोनों योग ज्योतिष में विशेष अहमियत रखते हैं।
इन दोनों योगों में पूजा-पाठ, जलाभिषेक, व्रत-उपवास आदि करने से आर्थिक तंगी और जीवन की परेशानियों से मुक्ति मिलती है। जातकों को आयु, यश, वैभव, धन-संपन्नता की प्राप्ति सरलता से होती है। कुल मिलाकर अंतिम सोमवार को भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों पर असीम कृपा बरसा कर सभी अभिलाषाओं को परिपूर्ण करने वाले हैं।
शिव पुष्पांजलि का सोमवार
जिन जातकों ने सावन में किसी कारण पूजा-पाठ जलाभिषेक नहीं किया है, तो ऐसे जातकों के लिए अंतिम सोमवार विशेष महत्व रखता है। धर्म शास्त्रों में कहा गया है कि पूजा-पाठ के अंत में अगर कोई भक्त पुष्पांजलि भी अर्पण करता है तो उसे पूजा पाठ का पूर्ण फल मिलता है। आठवां सोमवार भी पुष्पांजलि की तरह है। समर्पण भाव से भगवान को पुष्पांजलि निवेदित करें। भगवान भोलेनाथ पूर्ण कृपा बरसाएंगे।