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सेटेलाइट फ्लाईओवर- हाईटेंशन लाइन की शिफ्टिंग का खर्च जोड़ना भूला सेतु निगम

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बरेली। सेटेलाइट फ्लाईओवर के प्रोजेक्ट को जल्दबाजी में शुरू करने के नतीजे सामने आने लगे हैं। चौराहे के ऊपर 132 केवी की हाईटेंशन लाइन को शिफ्ट करने की नौबत आई तो पता चला कि सेतु निगम के अधिकारी प्रोजेक्ट तैयार करते वक्त एस्टीमेट में इसका खर्च शामिल करना ही भूल गए थे। अब सेतु निगम के अधिकारियों ने करीब सवा छह करोड़ का संशोधित एस्टीमेट शासन को भेजा है। लाइन शिफ्ट न होने से फ्लाईओवर का निर्माण भी प्रभावित हो रहा है।
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चौराहे के ऊपर से बिजली की कई लाइनों के साथ 131 केवी की हाईटेंशन लाइन भी गुजर रही है। फ्लाईओवर बनाने के लिए बिजली लाइनों के साथ पोल भी हटाए जाने हैं। सेतु निगम के अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट को तैयार करते समय करीब साढ़े चार करोड़ का एस्टीमेट शासन को भेजा था। हालांकि इसकी अब तक मंजूरी नहीं मिली है। कुछ समय पहले सेतु निगम के अफसरों की नजर फिर से इसके एस्टीमेट पर पड़ी तो वे यह देखकर दंग रह गए कि हाईटेंशन लाइन को हटाने का खर्च ही डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) में शामिल नहीं किया गया था। इसके बाद अधिकारियों ने साढ़े चार की जगह करीब सवा सवा छह करोड़ का संशोधित बजट स्वीकृति के लिए भेजा। जाहिर है कि बजट पास होने तक फ्लाईओवर के काम में भी देरी होगी।
पुलिस लाइंस में पिलर बनाने की अनुमति देने की प्रक्रिया शुरू
चौपुला पर नए फ्लाईओवर को पुराने से जोड़ने के लिए उपरिगामी टू-लेन बनाई जानी है। इसके लिए पुलिस लाइंस की बाउंड्री के अंदर भी दो पिलर बनने हैं। पुलिस अधिकारियों से एनओसी दिलाने के लिए सेतु निगम के डीपीएम ने डीएम को चिट्ठी भेजी थी। इसके बाद पुलिस महानिरीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने एसएसपी को अनुमति देने के लिए आवश्यक जांच करने के निर्देश दिए दिए हैं।
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सेटेलाइट फ्लाईओवर के लिए हाईटेंशन लाइन को शिफ्ट करने का खर्च प्रोजेक्ट में शामिल ही नहीं हुआ है। इसलिए दोबारा मंजूरी के लिए शासन को फिर से रिवाइज एस्टीमेट भेजा गया है।
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- देवेंद्र सिंह, मुख्य परियोजना अधिकारी, सेतु निगम
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