बरेली। शहर के सबसे ज्यादा चौड़े सेटेलाइट चौराहे पर पीलीभीत बाईपास रोड पर फ्लाईओवर की एक लेन बनाने का सुझाव केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने सीएम को भेजा है। जबकि 70 मीटर चौड़ी इस सड़क पर रोडवेज बस अड्डे के सामने बसें, ठेले, खोमचे वाले खडे़ रहते हैं। लोगों का कहना है कि अगर पीलीभीत रोड का यह कब्जा ही हटा दिया जाए तो फ्लाईओवर को बनाने की जरूरत ही नहीं रह जाएगी। अगर फिर भी जाम लगता है कि तो फ्लाईओवर बनाने में कोई गुरेज नहीं है।
सेतु निगम अभी सेटेलाइट चौराहे पर बरेली-शाहजहांपुर रोड को जोड़ने के लिए फ्लाईओवर का निर्माण करा रहा है। जनवरी से बन रहे इस पुल का करीब 30 फीसदी काम भी पूरा हो चुका है। कुछ दिन पहले केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने पीलीभीत रोड पर भी इस फ्लाईओवर की एक लेन बनाने की चिट्ठी सीएम को भेजी थी। जबकि लोग हैरान इस बात से हैं कि इस चौराहे पर ट्रैफिक का सबसे ज्यादा दबाव रोडवेज का ही है। यहां से हर दिन सैकड़ों बसें गुजरती हैं और हजारों यात्रियों का आवागमन होता है। ट्रैफिक का 30 से 40 फीसदी तक यातायात रोडवेज से ही जुड़ा है। जबकि बरेली, शाहजहांपुर या पीलीभीत की तरफ से आने वाली बसों या उसके यात्रियों को इस फ्लाईओवर से कोई खास राहत नहीं मिलने वाली। रोडवेज से जुड़ा अधिकांश ट्रैफिक सर्विस लेन से ही होकर गुजरेगा। लोगों का कहना है कि अगर काफी चौड़े सेटेलाइट चौराहे से ठेले व खोमचे वालों को हटा दिया जाए। टैंपो व डग्गामार वाहनों के खड़े होने पर प्रतिबंध लग जाए तो रोड और चौड़ा होने से जाम की दिक्कत खुद ब खुद खत्म हो जाएगी।
हाईलाइटर
ये रहेंगी दुश्वारियां
-शाहजहांपुर से आने-जाने वाली बसें पुल पर चढ़ने के बजाय नीचे सर्विस लेन से होकर ही रोडवेज तक आएंगी। अगर बसें फ्लाईओवर से गुजरेंगी भी तो रोडवेज पर आने के लिए उन्हें पुल से टर्न लेना होगा। इससे जाम की समस्या पैदा होगी।
-श्यामगंज से रोडवेज की तरफ आने वाले यात्री सर्विस लेन से ही आएंगे। पुल और उसके पिलर बन जाने से रोड संकरी हो जाएगी। इससे जाम की समस्या बढ़ेगी।
-पीलीभीत रोड पर सेटेलाइट बस अड्डे से करीब सौ मीटर आगे तक पुल उतरेगा। शाहजहांपुर से रोडवेज की ओर आने वाली बसों को घुमाव लेने से एक्सीडेंट का खतरा बढ़ जाएगा।