स्पोर्ट्स स्टेडियम में जिम्नास्टिक कोच का पद रिक्त होने के कारण सेवानिवृत्त उप क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी संतोष शर्मा यह दायित्व निभा रहे हैं। एक साल से वह नन्हे खिलाड़ियों को जिम्नास्टिक के गुर सिखा रहे हैं। इस निस्वार्थ प्रयास का मुख्य उद्देश्य खेल को जीवंत रखना और पांच से सात साल के बच्चों को इस कठिन खेल के लिए तैयार करना है, ताकि आगे चलकर वे जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।
स्टेडियम में तैनात जिम्नास्टिक कोच के तबादले के बाद प्रशिक्षण की व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई थी। खेल के प्रति अपने पुराने लगाव और बच्चों की लगन को देखते हुए संतोष शर्मा ने उम्र के इस पड़ाव पर भी मैदान पर उतरने का फैसला किया। उन्होंने विश्राम के बजाय स्टेडियम के ट्रैक और फ्लोर पर समय बिताना बेहतर समझा। वर्तमान में उनके मार्गदर्शन में 30 से अधिक पंजीकृत खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं। ये सभी खिलाड़ी आगामी प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी कर रहे हैं।
संतोष शर्मा का मानना है कि जिम्नास्टिक जैसा खेल अनुशासन और निरंतर अभ्यास मांगता है। वह अपनी इस सेवा के जरिये शहर की प्रतिभाओं को सही मंच प्रदान करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके इस जज्बे ने खेल प्रेमियों के बीच एक सकारात्मक संदेश दिया है।