बरेली। रक्षा मंत्रालय की जमीन न मिल पाने की वजह से लटके लालफाटक ओवरब्रिज का निर्माण पूरा कराने को जिले के दोनों सांसदों ने भागदौड़ शुरू कर दी है। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से दिल्ली में मुलाकात कर रक्षा मंत्रालय की ओर से एनओसी न मिल पाने की वजह से ओवरब्रिज का निर्माण न हो पाने के बारे में बातचीत की। सांसद धर्मेंद्र कश्यप के मुताबिक राजनाथ सिंह ने जल्द ही एनओसी की अड़चन दूर कराने का भरोसा दिलाया है।
सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को बताया ओवरब्रिज का निर्माण तेजी से हो रहा है। रेलवे क्रासिंग के पास अस्थायी रोड जल्द बन जाएगी। इसके बाद रेलवे अपने क्षेत्र में पुल बनाएगा लेकिन रेलवे क्रॉसिंग के आगे कैंट एरिया है जहां निर्माण के लिए सेना की ओर से एनओसी चाहिए। सेतु निगम के अफसर कई बार रक्षा मंत्रालय को एनओसी के लिए पत्र लिख चुके है। इसके बावजूद फाइल रक्षा मंत्रालय में अटकी हुई है। उन्होंने रक्षा मंत्री से जल्द एनओसी दिलाने का आग्रह किया। सांसद धर्मेंद्र कश्यप के मीडिया प्रभारी राहुल कश्यप ने बताया रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एनओसी संबंधी फाइल तलब कर ली है। उन्होंने ओवरब्रिज के निर्माण में आ रही इस अड़चन को जल्द दूर कराने का भरोसा दिलाया है।
2014 में मिली थी ओवरब्रिज निर्माण की अनुमति
शासन ने मार्च, 2014 में लाल फाटक ओवरब्रिज निर्माण की मंजूरी दी थी। कांधरपुर बाजार से उठने वाले ओवरब्रिज को कैंट क्षेत्र में उतरना है। इसके लिए सेना की करीब 65 सौ वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है लेकिन सेना ने अब तक इसकी अनुमति नहीं दी है। इस कारण पुल का निर्माण पूरा करने के लिए मार्च 2020 तक का समय बढ़ा दिया गया है। सेतु निगम वर्ष 2017 में कांधरपुर बाजार की ओर से निर्माण शुरू करा चुका है। इस पर सर्विस रोड भी बनाई जा चुकी है, लेकिन सेना की एनओसी न मिलने के चलते काम पूरा नहीं हो पा रहा है।