बरेली। प्लाइवुड फैक्टरी मालिक संजीव गर्ग हत्याकांड में आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल की चेतावनी के तीन दिन पूरे हो चुके हैं और पुलिस खाली हाथ है। इससे पहले भी आईआईए की स्थानीय इकाई के अल्टीमेटम का ऐसे ही बीत गया। इसको लेकर एडीजी राजकुमार ने नाराजगी जताई है। सोमवार को वह फतेहगंज पश्चिमी थाने में औचक निरीक्षण को पहुंचे थे।
प्लाइवुड फैक्टरी मालिक संजीव गर्ग की हत्या के मामले में पुलिस की विवेचना दो संदिग्ध युवकों पर ही अटक कर रह गई है। पुलिस ने जिन दो युवकों के फोटो और स्केच जारी किए हैं, उन्होंने घटना वाली रात संजीव की गाड़ी का पीछा किया था। पुलिस का मानना है कि संजीव का कत्ल इन्हीं दोनों ने किया है लेकिन वे पुलिस के हाथ नहीं आ पा रहे हैं। जिले के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम थानों में स्केच भिजवाए गए हैं, लेकिन अब तक कहीं से कोई सुराग नहीं मिला है।
वहीं, आईआईए में इसका खुलासा न होने को लेकर नाराजगी है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के अल्टीमेटम का तीन दिन का समय बीतने के बाद सोमवार को एडीजी राजकुमार फतेहगंज पश्चिमी थाने पहुंचे। वहां निरीक्षण के दौरान ही उन्होंने संजीव गर्ग हत्याकांड में जांच की इंस्पेक्टर से प्रगति जानी। थाना पुलिस कुछ खास या नया नहीं बता सकी। एडीजी ने जल्द से जल्द हत्याकांड का खुलासे करने को कहा।
क्राइम ब्रांच भी खाली हाथ : इस मामले में क्राइम ब्रांच शुरू से ही जांच में लगी है लेकिन अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। दो संदिग्धों के फोटो और स्केच के अलावा पुलिस इस मामले में आगे बढ़ने के लिए अब तक दूसरी लाइन भी तय नहीं कर सकी है।
मोबाइल और डीवीआर का डाटा भी रिकवर नहीं : संजीव गर्ग की कार से बरामद हुए उनके दोनों मोबाइल का काफी डाटा भी डिलीट मिला था और उनके घर व फैक्टरी में सीसीटीवी कैमरों में भी रिकॉर्डिंग होती नहीं मिली थी। इस पर पुलिस ने उनके दोनों मोबाइल और डीवीआर डाटा रिकवरी के लिए एफएसएल को भेजे हैं लेकिन अब तक वे भी वापस नहीं आए हैं।