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मास्क के बाद अब बाजार से सेनेटाइजर गायब

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corona - फोटो : अमर उजाला
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बरेली। कोरोना वायरस का असर बरेली के बाजार पर भी दिख रहा है। यहां मास्क की कमी के बाद अब बाजार से ब्रांडेड कंपनियों के सेनेटाइजर गायब हो गए है। लोकल कंपनियों के सेनेटाइजर भी इस समय ब्रांडेड कंपनियों के दामों पर ही बिक रहे हैं। दवा विक्रेताओं के मुताबिक, पहले दिन भर में एक या दो सेनेटाइजर की बिक्री होती थी, लेकिन अब हर दुकान से सौ के आसपास सेनेटाइजर बिक रहे हैं। मास्क के साथ ही सेनिटाइजर की कीमतें भी बढ़ गई हैं।
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देश में कोरोना वायरस के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब तक 29 केस पाए जा चुके हैं। इसके बाद लोगों ने खासी सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। कोरोना वायरस से बचने के लिए लोग मास्क और हैंड सेनेटाइज़र का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन अचानक मांग और बिक्री बढ़ने से बाजार में इसकी कमी होने लगी है। अब शहर में कुछ ही दुकानों पर सेनेटाइजर उपलब्ध हैं। अधिकतर दवा विक्रेताओं के पास सेनेटाइजर नहीं है। मेडिकल स्टोरों पर मास्क और हैंड सेनेटाइज़र खरीदने वालों की भीड़ बढ़ती जा रही है। दवा विक्रेता दुर्गेश खटवानी ने बताया कि 50 एमएल सेनेटाइजर की शीशी बाजार में 70-80 रुपये और 200 एमएल की करीब 250 रुपये में बिक रही है। पहले एक मेडिकल स्टोर पर दिन भर में बमुश्किल एक या दो ही सेनेटाइजर की शीशी बिकती थीं। लिहाजा इनका ज्यादा स्टॉक भी नहीं रखा जाता था। अब स्थिति यह है कि एक दिन में सौ-सौ सेनेटाइजर की शीशी की बिक्री हो रही है। लिहाजा लगभग सभी दुकानों से सेनेटाइजर खत्म हो चुके हैं। कुछेक दुकानों पर ही उपलब्ध हैं। एक-एक ग्राहक सेनेटाइजर की पांच-छह खरीद रहा है। दरअसल, विशेषज्ञ बार-बार हाथ धोने की सलाह दे रहे हैं। इससे सेनेटाइजर का उपयोग बढ़ गया है।

90 रूपये वाला एन-95 मास्क 900 रूपये में बिक रहा

बरेली। कोरोना वायरस से बचाव में सबसे कारगर मास्क एन-95 को बताया जा रहा है। अभी तक इस मास्क की सप्लाई चीन से होती थी। भारत में दिल्ली में एक या दो कंपनियां ही इसे बना रही थी। कोरोना वायरस फैलने के बाद यह बाजार से गायब है। इधर बाजार में एक-दो दवा विक्रेताआें ने इसकी स्टाक कर लिया है और अब इसे दस गुना अधिक दामाें पर बिक्री कर रहे हैं। एक दवा विक्रेता ने बताया कि एक-दो दुकानदार ऐसे हैं जो इस मास्क को नौ सौ रूपयों तक में बेंच रहे हैं। लोग इसे खरीद रहे हैं मांग अधिक है और बाजार में यह मास्क है नहीं तो दुकानदार इसका गलत फायदा उठाकर कई गुना दाम पर इसकी बिक्री कर रहे हैं।
डीआई विवेक कुमार ने कहा कि इस बारे में शासनादेश भी जारी हो चुका है कि मास्क, सेनेटाइजर और दवाआें की बिक्री एमआरपी से अधिक दामों में कोई नहीं करेगा। बताया कि इस संबंध में गुरुवार को सभी दवा विक्रेताआें को बता दिया गया है। यदि कोई किसी भी सर्जिकल उपकरण या दवाओं की बिक्री गलत दामों में करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इन दवाओं का कर सकते हैं इस्तेमाल

होम्योपैथिक की आर्सेनिक एल्बम-30, बायो कांबिनेशन नंबर-5 और इंफ्लुएंजम-200 मुख्य दवाएं हैं। यह दवाएं प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर है। डॉक्टर से जानकारी कर इन दवाआें का इस्तेमाल प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कर सकते हैं। डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होगी तो वायरस का अटैक जल्दी नहीं होता है।
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