गुटखा बनाने की फैक्ट्री (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Amar Ujala
करीब दो माह पूर्व डीएम के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा बरखेड़ा में स्थित एक दुकान से स्ट्रांग पान मसाला व शहर में स्थित एटा स्वीट्स से पनीर का नमूना भरकर जांच के लिए भेजा गया था। पान मसाला में खतरनाक रसायन गैंबियर की मात्रा पाए जाने से नमूना फेल हो गया। पान मसाला मामले में निर्माता कंपनी व दुकानदार को नोटिस भेजा गया है। वहीं, पनीर का नमूना भी अधोमानक मिला है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अभिहीत अधिकारी विजय कुमार वर्मा ने बताया कि डीएम के निर्देश पर पिछले दिनों जिले में अभियान चलाकर करीब आधा दर्जन नमूने लिए गए थे। इनमें बरखेड़ा स्थित दौलतपुर पट्टी में संदीप किराना स्टोर से 11 फरवरी को गगन ब्रांड के स्ट्रांग पान मसाला और पांच मार्च को शहर के प्रतिष्ठित एटा स्वीट्स से पनीर का नमूना भरकर जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला लखनऊ भेजा गया था। इन दोनों नमूनों की जांच रिपोर्ट तीन दिन पूर्व आ गई है।
स्ट्रांग पान मसाला में खतरनाक कैंसर का जनक कहे जाने वाला गैंबियर की मिलावट पाई गई। इसके चलते नमूना फेल हुआ है। जांच रिपोर्ट में नमूना फेल होने की जानकारी पर औषधि विभाग की ओर से व्यापारी व निर्माता कंपनी व इसके होलसेल विक्रेता को नोटिस भेजा गया है। दुकानदार द्वारा होलसेल दुकान से लिए गए पान मसाला का बिल प्रस्तुत किया गया। जिस पर होलसेल व निर्माता कंपनी को नोटिस भेजा जा रहा है। एटा स्वीट्स पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दोनों ही मामलों में एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा।