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ग्लोरी की मिठाई पांचवीं बार फेल

Sat, 22 Aug 2015 01:29 AM IST
बरेली
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बरेली। सिविल लाइन स्थित ग्लोरी स्वीट्स हाउस की मिठाई पांचवीं बार फेल हो गई। इससे पहले दो बार में मिठाई के चार नमूने फेल हो गए थे। इनमें से दो नमूने फेल होने पर जुर्माना भी ठोका गया है। दो अन्य मामले एडीएम (सिटी) के न्यायालय में विचाराधीन हैं। लगातार पांच बार मिठाई का नमूना फेल होने को खाद्य सुरक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है । इस ब्रांड की मिठाई का लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश खाद्य सुरक्षा आयुक्त से की गई है।
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जून के महीने में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ग्लोरी स्वीट्स हाउस से नारियल की लॉज का नमूना लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण को भेजा था। जिसमें मिलावट के साथ-साथ अधोमानक होने की पुष्टि हुई है। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने नोटिस जारी कर पंद्रह दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। इसी के साथ एडीएम (सिटी) के यहां मुकदमा दायर करने की तैयारी शुरु कर दी है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने ग्लोरी ब्रांड की मिठाई का नमूना पांचवीं बार फेल होने के कारण लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ तथा रिपीट क्राइम मानते हुए कड़ी कार्रवाई का फैसला लिया है। चार साल पहले इस ब्रांड की सोन पपड़ी और बेसन के लड्डू के नमूने फेल होने पर एडीएम (सिटी) के न्यायालय से पांच हजार और 25 हजार रुपये का जुर्माना हुआ था। इस स्वीट्स हाउस से लिए गए बर्फी और नमकीन के नमूने भी फेल हुए थे। इन दोनों मामलों में एडीएम (सिटी) के न्यायालय में मुकद्मा विचाराधीन है।
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‘पांचवी वार मिठाई के नमूने फेल होना गंभीर मामला है। इसीलिए इस ब्रांड की मिठाई का लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरु करने के  लिए खाद्य सुरक्षा आयुक्त से अनुमति मांगी है ’ अजय जैसवाल, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी



सागर रत्ना का मिर्च-मसाला खतरनाक
- खाद्य विभाग की लेबोरेट्री की जांच में खुलासा
- अपालम और रिफाइंड भी अधो मानक निकले
 अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। फिनिक्स माल स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट की साउथ इंडियन डिस के मिर्च-मसाले में सिंथेटिक कलर मिलाने का खुलासा हुआ है। लखनऊ स्थित खाद्य सुरक्षा परीक्षण प्रयोगशाला ने इसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक (अनसेफ) बताया है। इस आधार पर जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने प्रदेश के खाद्य सुरक्षा आयुक्त से कड़ी कार्रवाई के लिए निर्देश मांगे हैं। फिलहाल रेस्टोरेंट को नोटिस जारी कर दिया गया है। एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण मांगने के साथ-साथ सीजेएम के न्यायालय में मुकदमा दायर करने की चेतावनी भी दी गई है। इसी रेस्टोरेंट के पापड़ (अपालम) और रिफाइंड के नमूने भी अधोमानक पाए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मई में पीलीभीत रोड स्थित इस रेस्टोरेंट से मिर्च-मसाला, अपालम और रिफाइंड के नमूने लेकर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। प्रयोगशाला ने मिर्च-मसाले में सिंथेटिक कलर (सूडान टू) की पुष्टि की है। इस कलर को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया है। यह मसाला इडली डोसा में इस्तेमाल किया जाता है। यहीं के रिफाइंड और अपालम के अधोमानक मिलने पर भी नोटिस जारी करने के साथ-साथ एडीएम सिटी के यहां मुकदमा दायर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


रेस्टोरेंट के मिर्च-मसाले को प्रयोगशाला की रिपोर्ट मे अनसेफ बताया गया है। इस आधार पर नोटिस जारी कर दिया गया है। खाद्य आयुक्त को भी कड़ी कार्रवाई को लिखा है। - अजय जायसवाल, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी।

मिर्च-मसाले में सिंथेटिक कलर से आंतों का कैंसर, अल्सर जैसी बीमारी का खतरा रहता है। साथ ही लिवर पर भी असर पड़ सकता है। - डॉ. ए के चौहान



केएफसी में तेल और सोस अधोमानक
बरेली। केएफसी में इस्तेमाल होने वाले तेल और सोस के नमूने लखनऊ स्थित खाद्य सुरक्षा विभाग की प्रयोगशाला ने अधोमानक बताए हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर नोटिस जारी करके पंद्रह दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ में एडीएम (सिटी) के यहां मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरु कर दी है।
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