बरेली। जिला अस्पताल में दिव्यांगता जांच और प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पहले भी चक्कर काट चुके दिव्यांगों को सोमवार को फिर घंटों लाइन में खड़ा रखने के बाद बैरंग लौटाया गया तो हंगामा शुरू हो गया। भड़के दिव्यांग वसूली के लिए बार-बार चक्कर कटवाने का आरोप लगाते हुए सीएमओ कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए। सीएमओ ने समस्या का समाधान कराने का आश्वासन देकर धरना खत्म कराया।
सीएमओ कार्यालय परिसर में दिव्यांगों के प्रमाण पत्र बनाने के लिए सोमवार को पैनल गठित किया गया था। तमाम दिव्यांग लोग अपनी जांच कराने जिला अस्पताल पहुंचे थे जिन्हें काफी देर तक लाइन में खड़ा रखा गया और फिर जांच के लिए अगले सोमवार आने को कह दिया गया। घंटों में खड़े-खड़े थककर चूर हो चुके दिव्यांग इस पर भड़क गए। उन्होंने स्टाफ पर प्रमाण पत्र बनाने के लिए वसूली करने के लिए बार-बार बार-बार चक्कर कटवाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
सीएमओ के निर्देश पर दिव्यांगों से बात करने पहुंचे एसीएमओ ने उनसे वसूली के आरोपों के संबंध में साक्ष्य मांगे। दिव्यांग कोई साक्ष्य तो नहीं दे सके लेकिन उन्होंने कहा कि अगर वसूली का मामला नहीं है तो उन्हें बार-बार चक्कर क्यों कटवाए जा रहे हैं। नाराज दिव्यांग धरने पर बैठ गए तो सीएमओ ने उनको अपने कार्यालय में बुलाकर पूछताछ की।
दिव्यांगों ने सीएमओ को बताया कि डॉक्टर एक दिव्यांग का प्रमाण पत्र बनाने के लिए कई बार चक्कर कटवा चुके हैं। इस देरी के कारण उन्हें काफी समय से दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं, सरकारी योजनाओं का भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। सीएमओ ने उन्हें चिकित्सकीय परीक्षण में दिव्यांगता मिलने पर जल्द प्रमाण पत्र बनवाने और भविष्य में कोई दिक्कत न होने देने का आश्वासन दिया। इसके बाद दिव्यांग लौट गए।
आशा वर्करों ने भी सीएमओ को दिया ज्ञापन
उत्तर प्रदेश आशा वर्कर यूनियन के बैनर तले सोमवार को आशा वर्करों ने मानदेय वृद्धि के लिए सीएमओ को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष शिववती साहू ने कहा कि आशा वर्करों का रुका भुगतान अब तक नहीं किया गया है। उनका जननी सुरक्षा योजना, मंथली वाउचर, टीकाकरण, खसरा बूस्टर, आशा संगिनी का मासिक भुगतान काफी समय से लंबित है। चेतावनी भी दी कि भुगतान होने पर वे ई-क वच का काम करेंगी। मोबाइल रिचार्ज कराने की भी मांग की।