थाने में काटा हंगामा तो लाए गए पुलिस लाइन
सपा जिलाध्यक्ष को सीबीगंज थाने में बैठाया गया तो कई और सपाइयों ने वहां पहुंचकर नारेबाजी की और हंगामा काटा। सपाई संभल जाने की जिद पर अड़ गए। पुलिसकर्मियों ने समझाया तो वे गिरफ्तारी देने पर अड़ गए। फिर पुलिस वाहन बुलाकर उन्हें पुलिस लाइन भेज दिया गया। वहां सभागार में बैठकर सपाई आपस में चर्चा करते रहे। दोपहर बाद वह जिद करने लगे कि या तो उन्हें रिहा किया जाए या फिर जेल भेजा जाए। शाम छह बजे सिटी मजिस्ट्रेट ने 105 सपाइयों को रिहा कर दिया।
कोतवाल अमित पांडेय ने बताया कि सभी को दो-दो लाख रुपये के निजी मुचलकों पर छोड़ा गया है। इनमें जिलाध्यक्ष के साथ, महानगर अध्यक्ष शमीम सुल्तानी, पूर्व महापौर सुप्रिया ऐरन, कमलेश ठाकुर, जिला उपाध्यक्ष अशोक यादव, पूर्व विधायक सुल्तान बेग, राजेश अग्रवाल, अरविंद यादव, बृजेश श्रीवास्तव, मनोहर सिंह पटेल आदि सपाई शामिल रहे।
सरकार नहीं चाहती सच सामने आए : नीरज
आंवला सांसद नीरज मौर्य ने बताया कि लोकतंत्र में विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी और हाउस अरेस्ट करना सरकार की तानाशाही का सबूत है। सपाई पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें सांत्वना देने जा रहे थे। इससे संभल में सौहार्दपूर्ण माहौल बनाने में मदद मिलती पर अफसरों को डर है कि नेता और मीडिया के वहां जाने से बवाल का सच सामने आ सकता है।
डीजीपी से वार्ता के बाद ही शनिवार का दिन तय किया था। अब सपा मुखिया ने कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। अगली तारीख दो दिन बाद उनसे मिलकर तय की जाएगी। इस दौरान अनीस अहमद, नेहा यादव, आदेश यादव, मयंक शुक्ला, सत्यवीर चौहान, डॉ. नरेंद्र गौतम, भुवनेश प्रधान, शिव शाक्य, अमित पटेल व राजेश मौर्य भी सांसद के साथ मौजूद रहे। इन सभी को भी नजरबंद रखा गया।