बरेली। यूटीएस मोबाइल एप के जरिये अनारक्षित रेल टिकटों की बिक्री शून्य हो गई है। रेलवे ने इसकी जांच शुरू कर दी है। अब तक की जांच में कोई तकनीकी खामी सामने नहीं आई है। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को इस एप के जरिये अनारक्षित टिकट खरीदने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए यूटीएस मोबाइल एप विकसित किया है। इसके जरिये लाइन में लगे बिना ही चंद सेकंड में अनारक्षित रेल टिकट खरीद सकते हैं। जंक्शन पर यात्रियों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड की व्यवस्था भी की गई है। पिछले माह तक यूटीएस से रोजाना 400-500 रेल टिकटों की बिक्री हो रही थी। बीते पांच दिनों में इस एप से एक भी टिकट की बिक्री नहीं हुई है।
रेलवे ने हाल ही में अनारक्षित श्रेणी के रेल किराये में कटौती की है। अब तक न्यूनतम किराया 30 रुपये था। अब इसको घटाकर 10 रुपये कर दिया गया है। कोरोना काल के बाद यूटीएस और ऑटाेमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन से अब तक मेल, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों के टिकट ही मिलते थे। अब सिस्टम में अनारक्षित टिकट भी जोड़ दिया गया है। इसके बाद भी यूटीएस से टिकटों की बिक्री घट रही है।
यूटीएस मोबाइल एप से टिकटों की बिक्री घटी है। चार-पांच दिन से रिपोर्ट शून्य आ रही है। इसकी जांच कराई जा रही है। अब तक कोई तकनीकी खामी सामने नहीं आई है। - राकेश सिंह, मुख्य वाणिज्य निरीक्षक