बरेली। बरेली कॉलेज के पीछे पिंक जोन में बनाई गईं अवैध दुकानों को हटाने शुक्रवार को नगर निगम की टीम पहुंचे। टीम ने अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया, तो उनकी महिलाओं से नोकझोंक हो गई। अतिक्रमण प्रभारी ललतेश सक्सेना ने बताया कि अवैध दुकानों को हटाने के लिए कह दिया गया है। शनिवार को अगर दुकानें लगी मिलीं तो उन्हें सख्ती के साथ हटवा दिया जाएगा।
एक साल पहले नगर निगम व डूडा की तरफ से बरेली कॉलेज के पीछे पिंक जोन बनाते हुए स्वयं सहायता समूह का काम करने वाली महिलाओं को दुकानें आवंटित की गई थी। करीब 25 दुकानें बनाई गई थी। महिलाओं ने टीन के खोखे बनाकर अपनी दुकानें शुरू कर दी। नगर निगम के अधिकारियाें का कहना है कि कुछ महिलाओं ने अवैध दुकानें लगा लीं। इनमें कुछ ने तो बॉस व पन्नी डालकर दुकानेें लगा ली थी जबकि कुछ टीन की बना ली गईं। बृहस्पतिवार को नगर निगम कर्मियों ने आकर बास व पन्नी डालकर बनाई गई दुकानों को गिरा दिया था, लेकिन टीन की दुकानों को नहीं छुआ। दरअसल उन्हें टीन की बनाई गईं पांच अवैध दुकानों के बारे में जानकारी नहीं थी।
शुक्रवार को नगर निगम के अतिक्रमण प्रभारी ललतेश कुमार दोपहर करीब 12 बजे टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दुकानों को हटवाने का प्रयास किया। इस दौरान महिलाएं आ गईं। टीम के सदस्यों की महिलाओं से नोकझोंक हुई। अतिक्रमण अभियान प्रभारी ने चेतावनी दी है कि अगर दुकानें नहीं हटाई गईं तो शनिवार को सुबह इन्हें तोड़ दिया जाएगा। इसके बाद लोगों ने दुकान को हटाना शुरू कर दिया।
दुकान लगाने वाली महिलाएं मीना सिंह, नुसरतजहां, ममता राना, मीना गौतम आदि ने बताया कि बीते साल 9 अप्रैल को स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं का पिंक जोन की दुकानें डूडा व नगर निगम की ओर से दी गईं थीं। पहले उन लोगों ने टेंट व पन्नी डालकर दुकान लगाई थीं। बाद में डूडा की सहमति से टीन के खोखे बनाए। इसके लिए महिलाओं ने ब्याज पर रकम ली। अब दुकानों को अवैध बताया जा रहा है।
पिंक जोन में कुछ दुकानें अवैध रूप से लगा ली गई हैं। इनमें पांच दुकानें टीन डालकर पक्की कर ली गई। इन्हें बता दिया गया है कि शनिवार सुबह तक दुकानें यहां से हर हाल में हटा लें। - ललतेश कुमार, अतिक्रमण अभियान प्रभारी, नगर निगम