फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: सुरक्षा इंतजाम नदारद, सांसत में मजदूरों की जान

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली-मथुरा हाईवे पर कैंट थाना क्षेत्र के चौबारी में चालक भगवानदास की मौत के बाद सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अमर उजाला की पड़ताल में वहां सुरक्षा इंतजाम नदारद मिले। वहां काम कर रहे मजदूरों ने भी इसकी पुष्टि की। निर्माण एजेंसी की यही लापरवाही चालक की जान पर भारी पड़ गई। समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगे और भी हादसों की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन

बरेली-मथुरा हाईवे पर नवंबर 2025 से काम चल रहा है। इसको नवंबर 2027 तक पूर्ण करना है। 38.5 किमी का काम 695 करोड़ की लागत से होना है। एनएचएआई बदायूं डिवीजन की देखरेख में धारीवाल कंस्ट्रक्शन फर्म यह काम करा रही है। अब तक 18 फीसदी काम हुआ है। वर्तमान में मार्ग पर जगह-जगह सुरक्षा उपकरणों के बिना ही मजदूर कार्य कर रहे हैं। कार्यस्थल पर बैरिकेडिंग तक नहीं कराई गई है। अगर कोई वाहन अचानक कार्यस्थल तक पहुंच गया तो हादसा होना तय है।
कार्यस्थल पर मजदूरों के शरीर पर न तो सेफ्टी जैकेट मिले, न ही हेलमेट। दस्ताने व बूट भी नदारद मिले। यदि निर्माण के दौरान भारी सामग्री गिरी तो मजदूर का बचना मुश्किल है। कार्यस्थल पर जगह-जगह रूट डायवर्जन किया गया है, पर कहीं संकेतक नहीं लगाए गए हैं। इससे यह नहीं पता चल पा रहा है कि किधर मुड़ना है। कार्यस्थल पर बोर्ड पर परियोजना का नाम व लागत भी नहीं दिखा।
विज्ञापन

राहगीरों को परेशान कर रही धूल
कार्यदायी संस्था की ओर से कार्यस्थल पर पानी का छिड़काव तक नहीं किया जा रहा है। इससे राहगीरों के लिए यहां से गुजरना मुश्किल हो गया है। बाइक सवार धूल से पट जाते हैं और हादसे की आशंका भी बनी रहती है।
श्रमिक बोले- जान जोखिम में डालकर कर रहे काम
सुरक्षा उपकरण न होने से जान का खतरा बना हुआ है। कुछ दिन पहले साथ में काम करने वाला मजदूर गंभीर रूप से घायल हो चुका है। - जगन्नाथ, मोतीपुरा, आंवला
मुझे काम करते हुए एक महीना हो गया है। कंपनी की ओर से सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए हैं। धूप में स्थिति और खराब हो जाती है। - -राजू, बदायूं
ठेकेदारों की तरफ से दस्ताने तक की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे मेरे हाथ कट गए हैं। कुछ दिन पहले मेरे पैर में चोट लग गई थी। - धर्मपाल, मकरंदपुर बरेली
वर्जन
चालक की मौत के कारण की जांच कराई जाएगी। उसके बाद आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। मजदूरों को काम के दौरान सुरक्षा उपकरण देने के निर्देश हैं। अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - उत्कर्ष शुक्ला, परियोजना निदेशक, एनएचएआई बदायूं डिवीजन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें