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UP: आधार कार्ड में इमरान है छोटन का नाम, कश्मीर में परिवार से बिछड़ा... 22 साल बाद घर लौटा तो हुआ ये खुलासा

Mon, 17 Feb 2025 06:17 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली के नवाबगंज निवासी एक परिवार के मुताबिक सईद 22 साल पहले कश्मीर में बिछड़ गया था। बीते दिनों वह राजस्थान में राजमिस्त्री का काम करते मिला। वहीं, इसकी जानकारी होने पर एसएसपी ने जांच के निर्देश दिए। पुलिस और एजेंसियों को जांच पड़ताल में चौंकाने वाली जानकारी मिली है।
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परिवार के साथ मोहम्मद सईद (लाल घेरे में) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के नवाबगंज में 22 साल बाद लौटे मोहम्मद सईद उर्फ छोटन को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस और एजेंसियों को जांच पड़ताल में पता चला है कि सईद पीलीभीत के कलीनगर इलाके में सरकारी आवास की सुविधा ले चुका है। आधार कार्ड में उसका नाम इमरान लिखा है। पिता का नाम चांद मियां निवासी नगर पंचायत कलीनगर जिला पीलीभीत दर्ज है। पूरनपुर निवासी चांद मियां ने अपना नाम देकर उसे दत्तक पुत्र बनाया है। 

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पुलिस अब सईद से जुड़ी और जानकारी हासिल करने में जुटी है। वहीं, सईद ने बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ नवाबगंज में ही रहेगा। उसकी पत्नी व चार बच्चे भी कस्बे की नई बस्ती स्थित उसके घर पर ही आकर रहने लगे हैं। 

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नवाबगंज थाना के प्रभारी निरीक्षक राहुल सिंह ने बताया कि पुलिस मोहम्मद सईद उर्फ छोटन के बारे में जानकारी जुटा रही है। उसके पास आधार कार्ड भी है, जिसमें इमरान पुत्र चांद मियां निवासी कलीनगर जिला पीलीभीत का पता दर्ज है। कलीनगर में उसको सरकारी योजना के तहत आवास भी आवंटित हुआ है। उसके बारे में गहनता से जांच-पड़ताल की जा रही है। रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को भेजी जाएगी।

22 साल पहले परिवार से बिछड़ गया था सईद 
नवाबगंज कस्बे की नई बस्ती निवासी समीर अहमद के मुताबिक 26 मई 2003 को वह पत्नी नाजरा, बेटे शब्बू, छोटन, नईम, वसीम व बेटी नेहा के साथ जम्मू-कश्मीर में मजदूरी करने जा रहे थे। जम्मू रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरे तो प्लेटफॉर्म पर भीड़ थी। इसी दौरान उनका नौ साल का बेटा मोहम्मद सईद उर्फ छोटन कहीं गुम हो गया। काफी तलाशने के बाद उन्होंने वहीं बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पिता ने जम्मू कश्मीर के सभी थानों में जाकर बेटे के बारे में जानकारी की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।

ऐसे हो सकी मुलाकात
समीर अहमद ने बताया कि नवाबगंज के कई परिवार जयपुर में रहते हैं। इन्हीं में से एक महिला ने उन्हें बताया कि जयपुर में एक युवक राजमिस्त्री का काम करता है। वह खुद को बचपन में खोने की बात बताता है। सगीर अपनी पत्नी को साथ लेकर वहां पहुंचे तो छोटन ने उन्हें पहचान लिया। तब दंपती उसे नवाबगंज में अपने घर ले आए। 

ये कहानी बताई 
छोटन ने परिजनों को बताया कि उनसे बिछड़ने के बाद वह इधर-उधर भटकता रहा। 15 साल पहले पूरनपुर (पीलीभीत) निवासी राज मिस्त्री चांद मियां उसे अपने साथ ले गए। उन्हीं ने उसे बेटे की तरह पाला और राज मिस्त्री का काम सिखाया। चांद मियां ने ही भिखारीपुर गांव निवासी नसीम बेगम से उसकी शादी करा दी। अब उसके चार बेटे आयान, अरसलान, अरमान व सुभान हैं।
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एलआईयू और पुलिस कर रही जांच 
मोहम्मद सईद उर्फ छोटन की जिंदगी के 22 साल कहां बीते, इस बारे में स्थानीय पुलिस और एलआईयू जांच कर रही है। इस मामले में एसएसपी ने पुलिस और एलआईयू को जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। पुलिस पता लगा रहा है कि इतने दिनों तक वह जम्मू-कश्मीर और राजस्थान के जयपुर में कहां-कहां रहा। इस बीच किन-किन लोगों से उसके संबंध रहे।
 
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