आंवला से बिसारतगंज के बीच निसोई रेलवे स्टेशन के पास रेल पटरी पर बड़ा गैप देखा गया। रेल पथ परीक्षक ने गैप देखकर कंट्रोल रूम में अलर्ट मेसेज दिया, लेकिन इससे पहले सदभावना एक्सप्रेस चटकी पटरी से गुजर चुकी थी। रेल सूत्रों के मुताबिक डुप्लीकेट लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस नियत समय से देरी से चलने की वजह से चटकी पटरी से गुजरने से बच गई। गनीमत रही कि बड़ा हादसा होने से बच गया। रेलवे स्टाफ ने पीछे से आ रही एक मालगाड़ी को भी रोक दिया।
सोमवार रात करीब 3:20 बजे निसोई रेलवे स्टेशन के गेट नंबर आठ के पास रेल पटरी पर रेल पथ निरीक्षक मुकेश और राजेश कुमार ने बड़ा गैप देखा। रेलवे कंट्रोल रूम को इस बाबत सूचना देने के बाद जंक्शन से तकनीकी स्टाफ को मंगाया। इससे पहले करीब 2:20 बजे चटकी पटरी से सदभावना एक्सप्रेस गुजर चुकी थी। आनन फानन में पीछे से आ रही डुप्लीकेट लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस की टाइमिंग देखी गई, वह लेट होने की वजह से चटकी पटरी से गुजर नहीं सकी थी। बिशारतगंज रेलवे स्टेशन पर बीसीएन मालगाड़ी को 20 मिनट के लिए रोका गया था। तकनीकी स्टाफ ने चटकी पटरी पर सेफ्टी प्लेट बांधकर ट्रेनों का आवागमन शुरू कराया। रेल पथ निरीक्षकों के मुताबिक रेल पटरियां जर्जर हो चुकी हैं, यही वजह है कि आए दिन पटरी चटकने की घटनायें सामने आती हैं।