नई बनी सड़क सात दिन में ही उखड़ गई। इसकी वजह निर्धारित मानक से कम निर्माण सामग्री का इस्तेमाल होना बताया जा रहा है। पार्षद और स्थानीय बाशिंदों के विरोध और हंगामे पर ठेकेदार सड़क की मरम्मत कराने में जुट गए हैं। आरोप है कि रिपेयरिंग के नाम पर भी महज खानापूरी की जा रही है।
आवास विकास परिषद ने वित्तीय वर्ष 2012-13 की अवस्थापना निधि से मिनी बाईपास से मेगा सिटी तक 720 मीटर लंबी सड़क लगभग 35 लाख की लागत से स्वीकृत की थी। स्थानीय बाशिंदों के मुताबिक, एई अनिल सक्सेना के दिशा-निर्देशन में एनडी रेलवे कांस्ट्रक्शन फर्म ने निर्धारित मानक से बहुत कम कोलतार और बजरी का इस्तेमाल कर हॉटमिक्स सड़क बना दी। इस वजह से रोड सात दिन में ही उखड़ गई। इस पर पार्षद समेत मेगा सिटी के बाशिंदों ने विरोध जताया तो ठेकेदार दोबारा मरम्मत कराने लगे। पार्षद पति दीपक सक्सेना ने आरोप लगाया कि सड़क की दोबारा रिपेयरिंग में भी महज खानापूरी की जा रही है।
वर्जन
‘ ठंड और कोहरा ज्यादा होने के चलते सड़क इतनी जल्दी उखड़ गई।’ - अनिल सक्सेना, एई, आवास विकास परिषद
‘मोहल्ले में एक बारात आई थी, जिसके चलते बजरी निकलने लगी। इसके बाद बरसात हो गई, जिससे सड़क की हालत और बुरी हो गई।’
-चंद्रमा राम, एक्सईएन, आवास विकास परिषद