बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल लर्निंग हब बनाया जाएगा। इसमें छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा से लेकर मूल्यांकन तक को ऑनलाइन करने की योजना तैयार की जा रही है। इस प्रोजेक्ट को पीए-उषा के तहत मिले अनुदान प्रस्ताव में भी शामिल किया गया है।
विगत दिनों केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-उषा) कार्यक्रम के तहत विश्वविद्यालय को 100 करोड़ रुपये का अनुदान हासिल हुआ है। कुलपति प्रो.केपी सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा देना प्राथमिकता है। इसी क्रम में डिजिटल लर्निंग हब बनाया जाएगा। इससे हाइब्रिड मोड में पठन-पाठन संभव हो सकेगा। ऑनलाइन पढ़ाई और मूल्यांकन की तैयारी की जा रही है। इसका लाभ लेकर दुनिया के किसी भी कोने से छात्र विश्वविद्यालय से पढ़ाई कर सकेंगे। शिक्षक नए-नए कोर्स शुरु करेंगे, जिससे विवि की वैश्विक पहचान भी बनेगी। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स, थ्रीडी प्रिंटिंग, मशीन लर्निंग की पढ़ाई करने की व्यवस्था की जाएगी। आने वाले दिनों में नैनो टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, साइबर फॉरेंसिक आदि पर भी शोध किया जाएगा। इसके साथ ही ट्रांजिट छात्रावास, इन्क्यूबेटिंग पायलट सुविधा, साइबर और फॉरेंसिक लैब, रिन्यूवेबल एनर्जी एंड इलेक्ट्रिकल व्हीकल लैब आदि पर काम किया जाएगा।
विश्वविद्यालय परिसर में तैयार होने वाले डिजिटल लर्निंग हब में एक हजार से अधिक हाइटेक कंप्यूटर लगाए जाएंगे। इसके लिए अलग से भवन बनाया जाएगा। साथ ही यहां छात्रों को विदेशी शिक्षकों के लेक्चर में ऑनलाइन शामिल होने का मौका मिलेगा। विश्वविद्यालय के शिक्षक भी यहां पर रिकॉर्डेड लेक्चर अपलोड कर सकेंगे। इससे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम के छात्रों को फायदा होगा।