दो आरोपी हिरासत में, बाकी की तलाश में जुटी पुलिस और क्राइम ब्रांच
बरेली। यह लगभग तय माना जा रहा है कि मेंथा व्यापारी रूपेश अग्रवाल किन्हीं अपनों के ही धोखे का शिकार हो गए। शक की सीधी सुई उन दो लोगों पर है जिनके साथ 30 अगस्त की रात रूपेश होटल रोहिला में रुके थे। पुलिस ने इन दोनों लोगों को हिरासत में ले लिया है।
रूपेश की हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया। जांच में सामने आया कि इनमें से एक व्यक्ति ने होटल में फर्जी आईडी भी लगाई थी। दूसरा उस गाड़ी का ड्राइवर है जिसमें रूपेश को नोएडा ले जाकर हत्या की गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने रूपेश की हत्या करना स्वीकार कर लिया है। उन्होंने इसमें साथ ठहरे एक और व्यक्ति को भी शामिल बताया है। अब कोतवाली पुलिस और क्राइम ब्रांच उसकी तलाश कर रही है।
लापता होने के बाद रूपेश के एटीएम से दो बार में 90 हजार रुपये निकाले गए थे। कहा जा रहा है कि रुपये लेने के बाद फंसने के डर से आरोपियों ने रूपेश की हत्या कर दी। इसमें एक व्यक्ति तमंचा लेकर आया था और दूसरे ने गोली मारी। रूपेश के जीवित बचने की कोई संभावना न रहे इसलिए दो गोली मारी गईं।
तीन दिन में दो मौतों से परिवार में कोहराम
रूपेश के पिता वीरेंद्र कुमार बुजुर्ग होने के साथ ही बीमारी भी रहते थे। रूपेश के लापता होने के बाद चिंता में उनकी तबियत और बिगड़ गई, जिसके चलते सोमवार को उनकी मौत हो गई। इसके बाद बुधवार को रूपेश की हत्या की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। उनकी पत्नी स्वाती की तबियत भी बिगड़ गई है। रूपेश के बहनोई प्रवीण गोयल ने बताया कि वे लोग कोतवाली गए थे, पुलिस ने जल्दी ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है।
लापता रूपेश का शव जिला गौतमबुद्धनगर के दादरी थाना क्षेत्र में मिला है। गोली मारकर उनकी हत्या की गई है। जल्दी ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। - गीतेश कपिल, कोतवाली इंस्पेक्टर