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Bareilly News: नियम दरकिनार... हेलमेट के बिना ही मिल रहा पेट्रोल

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बरेली। यातायात माह में सरकार और पुलिस-प्रशासन सड़क हादसे रोकने के लिए प्रयासरत हैं। दूसरी ओर, पेट्रोल पंपों के मालिक नो हेलमेट-नो पेट्रोल मुहिम को पलीता लगा रहे हैं। शहर में हेलमेट के बिना ही पेट्रोल की बिक्री की जा रही है। अमर उजाला टीम ने सोमवार को कैमरे के साथ इसकी पड़ताल की। कई पेट्रोल पंपों पर नियम को ताक पर रखकर हेलमेट के बिना पहुंच रहे बाइक सवारों को पेट्रोल की बिक्री की जा रही थी।
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श्यामगंज चौराहे के आरए नरीमन पंप पर दोपहर के वक्त हर ग्राहक के दोपहिया वाहन में पेट्रोल डाला जा रहा था। इनमें ज्यादातर के पास हेलमेट नहीं था। हेलमेट को लेकर कोई टोकाटाकी भी नहीं की जा रही थी। पटेल चौक के एसपी पेट्रोल पंप पर भी यही स्थिति मिली। कैमरे का फ्लैश चमका तो तेल डाल रहे कर्मचारियों ने वाहन चालकों से हेलमेट लगाकर आने के लिए कहा। तब वे एक-दूसरे से हेलमेट मांगकर काम चलाने लगे। सिविल लाइंस के सैनिक पेट्रोल पंप, बरेली सर्विस सेंटर व मालियों की पुलिया के पास हीराचंद एंड संस का भी यही हाल रहा। ब्यूरो

एक महीने पहले आदेश आने पर नो हेलमेट-नो फ्यूल अभियान चलाया गया था। सड़क हादसे रोकने के लिए यह जागरूकता बेहद जरूरी है। सभी पेट्रोल पंप पर इस तरह के बैनर लगवाए जा चुके हैं। जहां भी नियम का उल्लंघन हो रहा होगा, वहां प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी। - मनीष कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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बेटे और भाई की मौत से टूटे बुजुर्ग आरिफ
सिरौली। नगर के मोहल्ला सईदान निवासी सैयद आरिफ मियां को बुढ़ापे में जो सदमा लगा है, वह उनके दिलो दिमाग से नहीं निकल पा रहा है। उन्होंने बताया कि उनका 29 साल का जवान बेटा आशु अली 12 अप्रैल को बाइक से उनके भाई डॉ. सैयद रऊफ मियां के साथ शाहबाद जा रहा था। उनकी बेटी की तबीयत अचानक खराब होने पर दोना चाचा-भतीजे जल्दबाजी में बिना हेलमेट के निकल गए थे। रास्ते में एक लोडर वाहन से बाइक की टक्कर हो गई। इसमें बेटे आशु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके भाई रऊफ ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उनका परिवार आज भी उस दिन को याद कर सिहर उठता है। संवाद
इकलौते बेटे की मौत का जख्म आज भी हरा
सिरौली। नगर के मोहल्ला सईदान निवासी पोस्टमैन रविंद्र भारद्वाज ने बताया कि उनका इकलौता बेटा उत्कर्ष भारद्वाज (26) बरेली में रहकर नौकरी करता था। पिछले साल 13 अक्तूबर को उत्कर्ष अपनी पत्नी पिंकी भारद्वाज के साथ सिरौली से बरेली लौट रहा था। रास्ते में गुलड़िया के पास उनकी बाइक एक पिकअप से आमने-सामने टकरा गई। इसमें सिर फटने से उत्कर्ष की वहीं मौत हो गई। पिंकी के पैर में चोट आई। रविंद्र ने बताया कि वह हमेशा बेटे को हेलमेट देते थे, लेकिन वह उसे बाइक पर पीछे रख देता था। पिंकी इलाज कराकर मुंबई अपने मायके चली गई। अब बरेली के मकान में ताले पड़े हैं। संवाद
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