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BJP MLA Passes Away: प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल के निधन से रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने खोया महान इतिहासकार

Sat, 03 Jan 2026 02:56 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल विधायक की जिम्मेदारियों के बीच भी अपने पठन-पाठन के कार्यों के प्रति सजग रहे। वह वर्तमान में इतिहास विभागाध्यक्ष के साथ ही उत्तर प्रदेश इतिहास कांग्रेस के अध्यक्ष भी थे। उनके निधन से रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने महान इतिहास खो दिया। 
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दिवंगत विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल की अंतिम यात्रा में उमड़े हजारों लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के फरीदपुर से भाजपा विधायक व रुहेलखंड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल सरल, संवदेनशील, न्यायप्रिय, कर्तव्य के प्रति सजग स्वभाव के थे। विधायक की जिम्मेदारियों के बीच भी अपने पठन-पाठन के कार्यों के प्रति सजग रहे। वह विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय के पुस्तकालयाध्यक्ष, इतिहास विभाग में 2012, 2017 व वर्तमान में विभागाध्यक्ष पद पर रहे। उनके निधन से विश्वविद्यालय ने महान इतिहासकार को खो दिया है। प्रशासनिक भवन में शनिवार को शोकसभा आयोजित की गई। 

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प्रो. श्याम बिहारी लाल 25 वर्षों तक बीडीए छात्रावास के वार्डन रहे। इसके अलावा विद्या परिषद व कार्य परिषद के सदस्य के तौर पर भी कार्य किया। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में उनका कार्यकाल वर्ष 2000 से शुरू हुआ और जून 2028 में सेवानिवृत्त होने वाले थे। पांचाल संग्रहालय को सुरक्षित, संरक्षित और सुसज्जित बनाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रो. श्याम बिहारी के कार्यकाल में गजनेरा में पीतलपुर के पास खोदाई शुरू हुई। इसमें एक पुरुष व दो बच्चों का कंकाल मिला, जिसे महाभारतकालीन माना जाता है। 

प्रो. श्याम बिहारी मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश इतिहास कांग्रेस के अध्यक्ष भी थे। इससे पहले वह उत्तर प्रदेश इतिहास कांग्रेस के प्राचीन इतिहास इकाई के अध्यक्ष भी रहे। ग्रीक फेलोशिप के लिए उन्होंने यूनान और ईरान का भ्रमण भी किया। नशा उन्मूलन अभियान के लिए उन्हें लंदन में सम्मानित किया गया था।

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प्राथमिकता में रहा पठन-पाठन त्यागा विधायकी का वेतन
इतिहास विभाग के प्रो. विजय बहादुर ने बताया कि विधायक रहते हुए प्रो. श्याम बिहारी ने कभी विधायक पद का वेतन नहीं लिया। वह पूर्णकालिक शिक्षक की तरह कार्य करते थे। वह पठन-पाठन के लिए समर्पित थे। उन्होंने अपने जीवन में एक पुस्तक प्राचीन भारत में यवन लिखी। प्रो. श्याम बिहारी लाल की पत्नी मंजूलता बिथरी ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय डोहरा में कार्यरत हैं। बेटा ईशान दिल्ली में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहा है। बड़ी बेटी शिल्पी रक्षा संपदा अधिकारी के पद पर बरेली में ही कार्यरत हैं। छोटी बेटी शिवानी रिजर्व बैंक मुंबई में कार्यरत हैं। 

जीआईसी के हॉस्टल से विधानसभा तक रहा साथ
फरीदपुर विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल और मीरगंज विधायक डीसी वर्मा, दोनों पढ़ाई काल से ही गहरे दोस्त रहे। वर्ष 1981 से 1985 तक शाहजहांपुर में जीआईसी हॉस्टल में एक कमरे में रहकर कक्षा-9 से 12 तक पढ़े। एक तख्त और एक बिस्तर पर लेटते थे। डीसी वर्मा ने बताया कि कभी मैं उनकी ड्रेस पहन लेता था तो कभी वह हमारे कपड़े पहन लेते थे। पढ़ाई के समय दोनों दोस्त आपस में खूब लड़ते-झगड़ते भी थे। विधानसभा में भी हमारी और डॉ. श्याम बिहारी लाल की सीट अगल-बगल ही थी। उनकी 35 और हमारी 36 नंबर सीट रही। 
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जीवन के अंतिम दिन भी दोनों ने एक-दूसरे से ठिठोली कर ली। डीसी वर्मा ने बताया कि उन्होंने 2006 में डॉ. श्याम बिहारी लाल के साथ तय किया कि अब राजनीतिक क्षेत्र में उतरा जाए। डीसी वर्मा ने 2006 में ही सरकारी नौकरी छोड़ दी और बसपा के टिकट पर मीरगंज से चुनाव लड़े थे, जबकि डॉ. श्याम बिहारी लाल ने भाजपा के टिकट पर फरीदपुर से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में दोनों दोस्तों को हार मिली थी। वर्ष 2017 में दोनों भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े और विधायक बन गए थे। 2022 में हम दोनों फिर विधायक बने। 

दिवंगत विधायक के छोटे भाई की पत्नी हैं भुता ब्लॉक प्रमुख 
दिवंगत विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल दो भाइयों में बड़े हैं। छोटे भाई डॉ. श्रीपाल बदायूं जिला अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ पद पर तैनात हैं। उनकी पत्नी भुता ब्लॉक की प्रमुख हैं। 
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