- अगस्त माह के अंत तक जारी किए गए स्नातक और परास्नातक के परिणाम
- लेटलतीफी से छात्र संगठन मुखर, विश्वविद्यालय के दावे पर उठा रहे सवाल
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय शैक्षणिक कैलेंंडर का पालन करने में पीछे हैं। स्नातक का परिणाम देरी से आने की वजह से परास्नातक में विद्यार्थियों ने देरी से प्रवेश लिया। लेटलतीफी को लेकर अब छात्र संगठन भी मुखर होने लगे हैं।
शासन स्तर से सत्र 2023-24 में प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए शैक्षणिक कैलेंडर जारी किया गया था। इसमें स्नातक, परास्नातक के दूसरे, चौथे, छठे सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम 30 जून तक घोषित करने के दिशा-निर्देश थे। इसके विपरीत विवि की ओर से स्नातक के परिणाम अगस्त माह तक जारी किए गए।
ऐसे में छठे सेमेस्टर के विद्यार्थी देरी से परास्नातक में प्रवेश ले सके। विद्यार्थियों का कहना है कि स्नातक का परिणाम देरी से आने के चलते उन्हें एक सेमेस्टर में 90 दिनों तक पढ़ाई का समय नहीं मिला। संवाद
बातचीत:
विवि की ओर से देरी से परीक्षा परिणाम घोषित किए जा रहे हैं, विद्यार्थी परेशान हैं। देरी से प्रवेश और परीक्षाएं जल्दी कराई गई। संगठन ने विवि से परीक्षा तिथि बढ़ाने की मांग की, तो उन्होंने सत्र देरी से होने का हवाला दिया। यह सही नहीं है। - अविनाश मिश्रा, जिलाध्यक्ष, सछास
विश्वविद्यालय शैक्षणिक कैलेंडर के हिसाब से अभी तक सत्र को पटरी पर नहीं ला सका है। स्नातक और परास्नातक के अभी तक रिजल्ट आ रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को नए सत्र में प्रवेश लेकर पढ़ने का कम समय मिलेग। -आनंद कठेरिया, महानगर मंत्री, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद
छात्रहित में विश्वविद्यालय की ओर से शैक्षणिक सत्र को पटरी पर लाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। - अमित सिंह, मीडिया सेल प्रभारी