बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय जल्द ही विदेशी विश्वविद्यालयों से समन्वय स्थापित करेगा, ताकि दूसरे देशों के छात्र भी यहां आसानी से दाखिला ले सकें। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्ययोजना बनानी शुरू कर दी है। विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ समन्वय हो जाने के बाद रुहेलखंड विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जा सकती है। हालांकि विश्वविद्यालय को इसके लिए काफी मेहनत करनी होगी।
कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद खासतौर से रुहेलखंड विश्वविद्यालय का अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने पर फोकस किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि विदेशी विश्वविद्यालयों से समन्वय हो जाने के बाद वहां के छात्र-छात्राओं को यहां पढ़ने आने के लिए आकर्षित किया जा सकता है। पहले चरण में एशियाई, साउथ एशिया, अफ्रीकन देशों से संपर्क करने की बात कही जा रही है। बाद में इन देशों के विश्वविद्यालयों से रुहेलखंड विश्वविद्यालय पूरी कार्ययोजना साझा करेगा। हालांकि इसके लिए विश्वविद्यालय के सामने विदेशी छात्रों को लुभाने के लिए अपने मौजूदा पाठ्यक्रमों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर तैयार करने की चुनौती है। इसके अलावा आधुनिक कोर्स को संचालित करने के लिए कौन से संसाधन और संभावनाएं हैं, इसकी विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगा।
वेबसाइट पर अपलोड किए रिजल्ट
रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने बीसीए, बीबीए, बीकॉम फाइनेंस, बीएससी माइक्रो बायोलॉजी, बीएससी बायोटेक, डिप्लोमा इन फैशन, फोटो, योग, एमडीएस, एमलिब, एमएसडब्ल्यू, एमए अंग्रेजी और पीजी डिप्लोमा इन वूमन इम्पॉवरमेंट पाठ्यक्रमों के रिजल्ट वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं।