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कब्रिस्तान में दंगल- दंगल

Wed, 20 Dec 2017 02:09 AM IST
बरेली।
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कुश्‍तती
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आमिर खान की दंगल मूवी बनाने वाले नितेश तिवारी अगर बरेली में कब्रिस्तान की कुश्ती देखते तो शायद फिल्म की कहानी कुछ और होती। बरेली के पहलवान जिस गुलाब अखाड़े में कुश्ती लड़ते हैं वह कब्रिस्तान में है। मंगलवार को पहली बार यहां जिला कुश्ती संघ ने सब जूनियर प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ियों का ट्रायल रखा। जिला संघ के ट्रायल में सब जूनियर स्तर के खिलाड़ी भी अनाड़ी ही पहुंचे। कुछ आधा-अधूरा सीखे हुए थे जबकि कुछ घरेलू अखाड़े में ही दांव आजमाए हुए थे। फिलहाल, बरेली की टीम बना दी गई है। पांच बालक और दो बालिकाओं का चयन सब जूनियर के लिए किया गया है। खिलाड़ी 20 से 23 दिसंबर तक होने वाली प्रतियोगिता के लिए मथुरा जाएंगे। 
उत्तर प्रदेश कुश्ती एसोसिएशन की ओर से एक माह पहले ही जिला कुश्ती संघ को मान्यता दी गई है। मंगलवार को गुलाब अखाड़े में आए अधिकतर पहलवान यहीं कब्रिस्तान के बीच में प्रैक्टिस करते हैं। संघ को 15 से 17 साल की उम्र में खिलाड़ियों का चयन करना था। इस उम्र के कम खिलाड़ी ही पहुंचे। एक से दो घंटे के ट्रायल के बाद 45 किग्रा भार वर्ग में तौफीक अली, 65 किग्रा में यूनुस खान, मोहम्मद अकबर, 60 किग्रा में अरविंद गुर्जर और 79 किग्रा में मोहम्मद मुईन को चुना गया है। बालिकाओं में दीक्षा शर्मा और वंदना यादव चुनी गई हैं। हालांकि खिलाड़ियों को ग्रीकोरोमन और फ्रीस्टाइल कुश्ती के बारे में नहीं पता है। संघ के कोच और टीम मैनेजर ने खिलाड़ियों को नियम के बारे में बताया। 
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ताइक्वांडो और जूडो का मिला जुला रूप 
जिला कुश्ती संघ अभी जल्द ही शुरू की गई है इसलिए फौरी तौर पर ताइक्वांडो के एक्सपर्ट हरीश पाल को कुश्ती संघ का अध्यक्ष भी बना दिया गया है। लड़कियाें के ट्रायल में सिर्फ दो लड़कियां पहुंची। उन्होंने कुश्ती खेलने में इंट्रेस्ट दिखाया। संघ ने जानकारी ली तो पता चला कि ये जूडो भी खेलती हैं। हालांकि कुश्ती के बारे में जानकारी होने के चलते उनको सेलेक्ट कर लिया गया है। 

पुराना है अखाड़ा, लेकिन प्रतियोगिता के लिए नहीं तैयार होते पहलवान 
गुलाब अखाड़े के बारे में यहां के पहलवानों का कहना है कि यह काफी पुराना है लेकिन कोई प्रतियोगिता के लिए नहीं खेलने जाता है। पहले कुछ खिलाड़ी जरूर नेशनल तक खेले लेकिन अब सिर्फ दंगल और मेलों की प्रतियोगिता में ही दांव आजमाते हैं। मिंटू सिंह पहलवान ने 2011-12 में गुलाब अखाड़े में प्रैक्टिस करके मेरठ में नेशनल प्रतियोगिता खेली थी। 

कोट 
मैं तो ताइक्वांडो का एक्सपर्ट हूं। एसोसिएशन को सहयोग करने के लिए मुझे अध्यक्ष चुना गया है। जब कोई अनुभवी और सही पदाधिकारी आ जाएगा तो मैं खुद ही अध्यक्ष पद से हट जाऊंगा। 
- हरीश पाल, अध्यक्ष, जिला कुश्ती संघ 

खिलाड़ियों का चयन कर लिया गया है। अभी जल्द ही संघ का गठन हुआ है इसलिए हमारे पास पर्याप्त संसाधन नहीं है। जल्द ही प्रशासन और खेल विभाग के सहयोग से खिलाड़ी तैयार किए जाएंगे। 
- सुमित सिंह, सचिव, जिला कुश्ती संघ 

कुछ समय पहले ही जिला बरेली का कुश्ती संघ बनाया गया है। अब कुश्ती को लेकर खिलाड़ी आगे आएंगे और इसमें भविष्य बनाएंगे। कोशिश की जाएगी कि संघ अपना काम जिम्मेदारी से करे। 
- प्रेम कुमार मिश्र, सचिव, यूपी कुश्ती संघ 
 
गुलाब अखाड़े में जितने भी पहलवान प्रैक्टिस करते हैं, उन्हें मैं ही ट्रेनिंग देता हूं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर की कुश्ती के नियम नहीं जानता। 25 साल से कुश्ती लड़ रहा हूं। 
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- अली बहादुर, टीम कोच 

आरएन टैगोर कॉलेज में पढ़ते हुए मैंने यूपी कुश्ती संघ की ओर से 86 किग्रा भार वर्ग में नेशनल प्रतियोगिता खेली है। इसके सभी नियम पता हैं और उसी अनुसार खिलाड़ियों को तैयार किया जाएगा। 
- मिंटू सिंह, टीम मैनेजर 

छोटे पहलवानों की भी सुनिए  
मैं कुश्ती के सभी नियम जानती हूं और अच्छा खेलती हूं। पहले भी स्कूल की ओर से कुश्ती प्रतियोगिता में भाग लिया है। 
- वंदना यादव, खिलाड़ी 

मैंने माध्यमिक शिक्षा परिषद की कुश्ती प्रतियोगिता में भाग लिया है। जूडो और कुश्ती में सिर्फ नियम का अंतर है। 
- दीक्षा शर्मा, खिलाड़ी 

मैंने एक साल जोगीनवादा में कुश्ती सीखी है। दशहरा के दंगल में भाग भी लिया था, लेकिन हार गया। 
- तौफीक, खिलाड़ी 
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