नगर निगम बायलॉज कमेटी की बैठक में अतिक्रमण करने वालों पर अब सख्ती से निपटने का इंतजाम किया गया है। अतिक्रमण करने पर उसे हटाने से पहले 500 रुपये रोज के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा। 15 दिन बाद अतिक्रमण नहीं हटा तो निगम का दस्ता इसे उखाड़ फेंकेगा। इस दौरान अतिक्रमण हटाने गई टीम के सदस्याें का एक दिन का वेतन और खर्च की पूरी वसूली भी अतिक्रमण करने वालों से ही होगी। इस सख्त कार्रवाई पर कमेटी ने अपनी मुहर लगा दी है। बोर्ड की बैठक में इसे मंजूरी मिल जाएगी।
बायलॉज कमेटी यानी उपविधि नियमावली समिति की बैठक मेयर कक्ष में हुई। इसमें कमेटी के पार्षद सदस्य शामिल रहे। व्यवसाय शुरू करने और निगम सीमा में किसी प्रकार के नए कार्य को शुरू करने से पहले लाइसेंस का शुल्क तय कर दिया गया है। कुछ नए व्यवसाय इसमें शामिल किए गए हैं। सबसे अधिक जोर जुर्माना राशि बढ़ाने पर रहा। अतिक्रमण वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। अगर पक्का अतिक्रमण कराया गया होगा तो 5000 रुपये रोज जुर्माना वसूला जाएगा। 15 दिन बाद यह जुर्माना 25 हजार हो जाएगा। इसके बाद इसे तोड़ा जाएगा। बिगड़े वाहनों को घर या दुकान के बाहर खड़ा करके जगह घेरने पर भी जुर्माना लगेगा। लाइसेंस और जुर्माने की दर तय करके इसे बोर्ड की बैठक में चार जुलाई को रखा जाएगा। यहां मंजूरी मिलने के बाद शासन को भेजेंगे। वहां से अनुमति मिलते ही इसे शहर में लागू कर दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को एक अंतिम बैठक फिर होगी। इस दौरान मेयर डॉ. आईएस तोमर कमेटी सदस्य राजेश अग्रवाल, आलोक तायल, अब्दुल सलीम, शालिनी जौहरी, मिराज अंसारी शामिल रहे।
मकान बेचने पर अब पांच रुपये नहीं 2 से 25 हजार देना होगा शुल्क
मकान बेचने पर नाम परिवर्तन कराया जाता है, इसके लिए पहले नगर निगम में मात्र पांच रुपये का शुल्क दिया जाता था। बायलॉज कमेटी ने इसे बदलते हुए शुल्क राशि 2000 से 25000 कर दिया है। अगर पैतृक संपत्ति है तो 2000 रुपये शुल्क लिया जाएगा और अन्य मकान पर 5000 रुपये शुल्क लिया जाएगा। साथ ही मकान की वर्तमान वैल्यू के हिसाब से 0.25 प्रतिशत अतिरिक्त वसूली होगी। पांच लाख रुपये तक का मकान 2000 रुपये में और 50 लाख रुपये से ऊपर के मकान पर 25000 रुपये अधिकतम नामांतरण शुल्क देना होगा।
डेयरी की गंदगी अब बर्दाश्त नहीं
जब तक डेयरी को शहर से बाहर नहीं किया जाता है तब तक डेयरी संचालकों को भी जुर्माना देना है। अगर डेयरी की गंदगी को सड़क, मोहल्ले, नालियों में बहाया गया तो नगर निगम की टीम 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लेगी। शहर में 90 से अधिक डेयरी चल रही हैं।
रेता-बजरी का शहर में नहीं होगा काम
रेता-बजरी का शहर में कोई कारोबार नहीं किया जाएगा। बायलॉज कमेटी ने तय किया है कि अगर नगर निगम की सड़क या जमीन पर कोई कारोबार करता है तो 1000 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। पहले इनको अनुमति लाइसेंस शुल्क के साथ देने की थी, लेकिन कमेटी ने मना कर दिया है। मेयर ने कहा कि यह पूरी तरह से अवैध है। शहर में कारोबार नहीं हो सकता है।
हॉस्टल चलाएं या जिम, अब
देेना होगा लाइसेंस शुल्क
बायलॉज कमेटी ने किसी भी तरह के व्यवसाय पर अब प्रतिवर्ष लाइसेंस शुल्क तय कर दिया है। हॉस्टल, कोचिंग सेंटर, वाटर कूलर सप्लायर, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, रेस्टोरेंट, प्रिंटिंग प्रेस, जिम, केबल आपरेटर, सबमर्सिबल, व्यवसायिक ट्रैक्टर ट्राली में शुल्क तय किया गया है। 20 बेड के हॉस्टल का शुल्क 1000 रुपये, 40 बेड पर 2000 और इससे अधिक पर 3000 रुपये लाइसेंस शुल्क लगेगा। कोचिंग सेंटर 20 छात्रों पर एक हजार, 40 छात्रों पर दो हजार और इससे अधिक पर 3000 रुपये लाइसेंस शुल्क देना होगा। रेस्टोरेंट पर 500 वर्ग मीटर तक 1000 रुपये वसूला जाएगा।
ई-रिक्शा पर निगम की जिम्मेदारी नहीं
बायलॉज कमेटी में ई-रिक्शा का लाइसेंस शुल्क पहले 500 रुपये तय किया गया था, लेकिन अब इसे हटा दिया गया है। समिति ने तय किया है नगर निगम की ई-रिक्शा पर कोई जिम्मेदारी नहीं है। इससे शहर में बेवजह जाम बढ़ रहा है। इसका निगम की ओर से कोई लाइसेंस नहीं दिया जाएगा। इसी तरह मुर्गा और अन्य मीट के लाइसेंस से भी निगम का लेना-देना नहीं होगा।
तय लाइसेंस शुल्क
व्यवसाय प्रस्तावित दरें
वाटर कूलर सप्लायर 10,000
पेट्रोल पंप 2000
गैस एजेंसी 2000
प्रिंटिंग प्रेस 1000
फैक्ट्री लघु 2000
फैक्ट्री भारी 5000
छत व जमीन पर टॉवर 3000
टेंट हाउस 1000
दो पहिया शोरूम 1000
चार पहिया शोरूम 4000
कुत्ता पालन 100
केबल आपरेटर 10,000
जिम 2000
सबमर्सिबल 2एचपी 1000 प्राइवेट
सबमर्सिबल 5000 व्यवसायिक
सराफा रिफाइनरी शहर से बाहर
ट्रैक्टर ट्राली शहर से बाहर