नवाबगंज। तहसील प्रशासन ने ओसवाल चीनी मिल के गोदाम में पड़ी चीनी को नीलाम कर गन्ना किसानों को तीन करोड़ 20 लाख 31 हजार रुपये का भुगतान सहकारी गन्ना समिति के खाते में भेज दिया। समिति ने किसानों के खातों में भुगतान कर दिया है। तहसील क्षेत्र में औरंगाबाद गांव में स्थित ओसवाल चीनी मिल पर क्षेत्र के गन्ना किसानों के पेराई सत्र 2023- 2024 और 2024 - 2025 का गन्ना मूल्य भुगतान 70 करोड़ रुपये बकाया है। भुगतान न करने पर किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। मिल द्वारा भुगतान न किए जाने पर गन्ना आयुक्त ने मिल की आरसी जारी कर दी थी। इस पर तहसील प्रशासन ने मिल को कुर्क कर दिया था। किसानों के बढ़ते दबाव के चलते स्थानीय प्रशासन ने मिल के गोदाम में रखी चीनी को नीलाम कर उससे मिली धनराशि को सहकारी गन्ना समिति को भेज दिया है। इस धनराशि से क्षेत्र के 15,550 किसानों के खाते में समिति ने राशि भेज दिया। सहकारी गन्ना समिति की सचिव मेघा चर्तुवेदी ने बताया कि 8600 क्विंटल चीनी की नीलामी की गई है। उन्होंने बताया कि यह भुगतान 28 दिसंबर से 31 दिसंबर 2024 तक का किया गया है। संवाद