रुहेलखंड विश्वविद्यालय के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के छात्र किसानों को इफको नैनो तरल उर्वरक और ड्रोन तकनीक का उपयोग सिखाएंगे। यह पहल इफको के देशव्यापी जागरूकता महाभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों से जोड़ना है। विभागाध्यक्ष एमएस करुणा ने कहा कि प्रौद्योगिकी और वैज्ञानिक सोच से किसानों को आगे बढ़ाना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है। छात्रों ने व्याख्यान के बाद ड्रोन से फसलों पर इफको नैनो तरल उर्वरक का छिड़काव भी प्रदर्शित किया। इफको आंवला कॉर्पोरेट के प्रमुख अरविंद ढाका ने एक सेमिनार में मिट्टी के स्वास्थ्य, रासायनिक उर्वरकों की खपत कम करने और नैनो तरल उर्वरक के लाभों पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को बुवाई से पहले मिट्टी की जांच कराने और ड्रोन से छिड़काव के फायदे भी बताए। इस अवसर पर इफको के जनसंपर्क अधिकारी विनीत शुक्ला, अध्यक्ष दिलीप संघाणी, प्रबंध निदेशक के जे पटेल उपस्थित रहे।