रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित मुख्य परीक्षा के दौरान बुधवार को तीसरी बार पेपर लीक होने की घटना हूई। इससे पहले दो बार मुरादाबाद मंडल में पेपर लीक हो चुका है। पिछली दोनों घटनाओं में यह तय नहीं किया गया कि पेपर लीक होने का जिम्मेदार कौन है। जांच भी ठीक से नहीं कराई गई लिहाजा बुधवार को विश्वविद्यालय के अफसर इस बारे में कुछ कहने की स्थिति में नहीं दिखाई दिए और मीडिया को भी कोई जानकारी देने से बचते रहे।
बरेली कॉलेज : प्रभावित न हों दूसरे परीक्षार्थी, इसलिए नहीं रोकी परीक्षा
रुहेलखंड विश्वविद्यालय से बीकॉम की परीक्षा के स्थगन का आदेश आने के बावजूद बरेली कॉलेज में उसे नहीं रोका गया। चीफ प्रॉक्टर आलोक खरे के मुताबिक बुधवार को पांच हजार विद्यार्थी बरेली कॉलेज में परीक्षा देने पहुंचे थे जिनमें 15 सौ ही बीकॉम के थे। ये परीक्षार्थी बाकी परीक्षार्थियों के बीच ही बैठे थे।
इनका पेपर रोकने से अन्य परीक्षार्थी प्रभावित हो सकते थे इसलिए उनकी परीक्षा को भी नहीं रोका गया। आखिर में बीकॉम के छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं विश्वविद्यालय को भेज दी गईं। बहेड़ी के गन्ना उत्पादक पीजी कॉलेज में भी छात्रों को कॉपियां दे दी गई थीं लेकिन विश्वविद्यालय की सूचना पर वापस ले ली गईं। इससे गुस्साए छात्रों ने हंगामा किया। कई केंद्रों पर यही हाल रहा। परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह ने आदेश में यही कहा है कि अपरिहार्य कारणों से परीक्षा स्थगित की है।
बार-बार पेपर लीक पर विश्वविद्यालय में हंगामा
महानगर मंत्री अमन सिंह तोमर के नेतृत्व में विश्वविद्यालय पहुंचे एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। उसके बाद परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में भी नारेबाजी की। कई घंटे तक हंगामे के बीच महानगर मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय के पेपर कई बार लीक हो चुके हैं। परीक्षा की शुचिता कलंकित हो रही है। ऐसा कभी नहीं हुआ कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर लीक हो जाए। इससे परीक्षाएं मजाक बनकर रह गई हैं।
कार्यकर्ताओं की परीक्षा नियंत्रक से काफी नोकझोंक हुई। विद्यार्थियों ने उनके कार्यालय में ही देशभक्ति गीत भी गाए। परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार सिंह ने आश्वासन दिया कि इस प्रकरण की जांच होगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। प्रदर्शन में विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष रवि प्रताप सिंह, अमित भारद्वाज, अबनी यादव, दीपांशी, शिवम सक्सेना, आशीष वाल्मीकि, श्रेयांश वाजपेयी, अनिकेत शर्मा, आनंद कठेरिया आदि रहे।