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लूट के तीसरे दिन पकड़ लिए लुटेरे, लेकिन दर्ज नहीं की रिपोर्ट

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प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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हिंदू युवा वाहिनी के जिला उपाध्यक्ष से लूट का मामला, सोमवार देर रात पकड़ लिए आरोपी
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प्रेमनगर पुलिस ने दर्ज नहीं की रिपोर्ट, अन्य कई मामलों को लेकर भी एडीजी की गई शिकायत

बरेली। लूट जैसी गंभीर घटनाएं होने पर क्षेत्रीय थाना पुलिस उन पर पर्दा डालने की कोशिश करती है। लेकिन आरोपियों के पकड़े जाने पर तुरंत गुड वर्क दिखाने में भी जुट जाती है। अन्यथा स्थिति में पीड़ित सिर्फ थाने के चक्कर ही लगाते रह जाते हैं। अब हिंदू युवा वाहिनी के उपाध्यक्ष के साथ हुई लूट के मामले में पुलिस ने लुटेरों की बाइक बरामद होने के बावजूद रिपोर्ट दर्ज नहीं की। जबकि सोमवार देर रात पुलिस ने आरोपियों को भी पकड़ लिया। इसके साथ ही थाना पुलिस की कारगुजारी के चर्चे एडीजी अविनाश चंद्र तक पहुंचे तो उन्होंने मामलों में जांच के आदेश दे दिए।
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प्रेमनगर क्षेत्र के सुर्खा बानखाना निवासी हिंदू युवा वाहिनी के जिला उपाध्यक्ष लोकेश कुमार गौण से रविवार शाम घर लौटते वक्त एक बाइक पर सवार तीन लुटेरों ने उनका मोबाइल व सोने की चेन लूट ली थी। भागते वक्त लुटेरों को पास के ही एक दुकानदार ने पकड़ लिया था लेकिन वह अपनी बाइक छोड़कर भाग निकले थे। सूचना पर पहुंची पुलिस लुटेरों को बाइक थाने भी ले गई थी। लेकिन तहरीर मिलने के बाद थाना पुलिस ने तीन दिन बाद भी घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। अब सोमवार रात पुलिस ने दो बदमाशों को पकड़ लिया। एक बदमाश अभी फरार है। इतना ही नहीं बाइक के दो पुराने मालिकों को भी पुलिस उठा लाई। उनकी पहचान बाइक के नंबर से हो सकी। बाइक के पहले मालिक चक महमूद के नाजिम ने बताया कि उन्होंने करीब चार साल पहले बाइक कांकरटोला के एक कबाड़ का काम करने वाले यामीन को बेटी थी। जिसने करीब दो महीने पहले उड़ला जागीर के पंचर बनाने वाले राशिद को बाइक बेच दी। घटना की रात राशिद अपने दोस्त कांकरटोला निवासी दानिश और अरवाज के साथ था। उन्होंने घटना भी कबूली। साथ ही एक बदमाश ने नशे में घटना को अंजाम देने की बात भी कही। पुलिस अब मामले में खेल करने की जुगत में है।

दुकान खाली करने को भी धमका रही प्रेमनगर पुलिस

बरेली। क्षेत्र की गांधीपुरम कॉलोनी निवासी नरेंद्र सिंह राणा जनकपुरी में रामजानकी मंदिर परिसर में मोबाइल की दुकान चलाते हैं। उनके मुताबिक दुकान का पुराना किराएदार पुलिस की मदद से दुकान पर कब्जा करना चाहता है। इसके चलते पुलिस लगातार उन पर दुकान खाली करने का दबाव बना रही है। आरोप है कि 21 फरवरी को उनकी दुकान की महिला कर्मचारी की एक महिला ग्राहक से झड़प हुई तो प्रेमनगर पुलिस उन्हें जबरन उठाकर थाने ले गई। वहां देर रात तक बैठाया और एक दरोगा लगातार उन्हें दुकान खाली करने को लेकर धमकाते रहे। उनके परिचित ने एक पुलिस अधिकारी से मामले की शिकायत की तो उनके कहने पर थाना से उन्हें छोड़ा गया। दुकानदार ने इसकी शिकायत मंगलवार को एसएसपी से भी की है।

सात दिन बाद दर्ज हुई एडीजी के आदेश की रिपोर्ट

बरेली। जनकपुरी कांप्लेक्स में दुकान चलाने वाले बन्नू वाल नगर निवासी सिद्धार्थ सहगल ने थाना पुलिस के टहला देने के बाद एक लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत एडीजी से की थी। एडीजी ने एक हफ्ता पहले प्रेमनगर पुलिस को मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दे दिए थे। लेकिन पुलिस ने उनके आदेश को हवा में उड़ा दिया था। सिद्धार्थ का आरोप है कि उनके एक पुराने ग्राहक विशाल खंडेलवाल ने करीब सवा साल पहले करीब डेढ़ लाख रुपये को मोबाइल फोन खरीदे थे। लेकिन आज तक उनका भुगतान नहीं की। चेक दिए तो वह वाउंस हो गए। दबाव बनाने पर आरोपी ने साथियों के साथ दुकान पहुंचकर मारपीट भी की। अब फजीहत होने के सात दिन बाद प्रेमनगर थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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