रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने बुधवार रात 12 बजे से 24 घंटे के लिए चक्का जाम करने का दावा करते हुए कहा है कि इस दौरान कोई बस नहीं चलने दी जाएगी। वर्कशाप भी बंद रखी जाएगी। उधर रोडवेज प्रशासन ने हड़ताल को असंवैधानिक करार देते हुए इसमें शामिल लोगों कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
वेतन भत्ताें के भुगतान के साथ मृतक आश्रिताें को नौकरी देने और रिक्त पदाें पर नियमित भर्ती करने समेत नौ मांगाें को लेकर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने एक दिवसीय चक्का जाम सांकेतिक हड़ताल का ऐलान किया है। मंगलवार को क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय पर हुई आमसभा में अध्यक्षता करते हुए संगठन के क्षेत्रीय अध्यक्ष एके अरोरा ने कहा कि निगम प्रबंधन को चेतावनी देने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मंत्री रविंद्र कुमार ने बताया कि 22 अप्रैल रात 12 बजे से 24 घंटे के लिए हड़ताल होगी। करीब एक हजार नियमित और संविदा कर्मचारी इसमें भाग लेंगे। वहीं यूपी रोडवेज इम्पलाइज यूनियन हड़ताल से दूर है। क्षेत्रीय प्रबंधक एसके शर्मा का कहना है कि हड़ताल पर रोक है। अगर कोई कर्मचारी इसमें शामिल होता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्हाेंने बताया कि कोई काम प्रभावित नहीं होगा।