रोडवेज बस में टूटा मिला फर्स्ट एड बॉक्स
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सरकार की तरफ से लाख कोशिशों के बावजूद परिवहन सेवाएं बदहाल हैं। रोडवेज बसों में लगे फर्स्ट एड बॉक्स खाली हैं। बरेली में अमर उजाला की पड़ताल में यह हकीकत सामने आई। सिर दर्द की दवा मांगने पर परिचालक ने कहा कि नावल्टी चौराहे से ले लीजिए।
हल्द्वानी जाने वाली रोडवेज बस संख्या यूपी 25 डीटी 6553 में फर्स्ट एंड बाक्स टूटा हुआ मिला। परिचालक से सिर दर्द की दवा मांगी तो उसने कहा कि बॉक्स में दवाएं नहीं है। अगर आपको आवश्यकता है तो नावल्टी चौराहे से ले लीजिए। जयपुर जाने वाली बस यूपी 78 ओएन 1132 में भी ओआरएस घोल नहीं मिला। परिचालक विजेंद्र कुमार ने बताया कि अक्सर उनकी बस बदलती रहती है। उनको रोडवेज प्रशासन की तरफ से दवाएं नहीं उपलब्ध कराई जाती हैं।
एक बस में नहीं मिला बॉक्स
बिल्सी, इस्लामनगर, संभल होते हुए दिल्ली जाने वाली बस संख्या यूपी 78 आईटी 0190 बस से फर्स्ट एड बॉक्स गायब मिला। चालक नेत्रपाल शर्मा ने बताया कि यह सबसे जरूरी है लेकिन उनको मिलता ही नहीं। वह अपने जेब से दर्द की एक-दो दवाएं निकालकर दिखाने लगे। एक महिला बच्चे को पिलाने के लिए ओआरएस घोल मांगती रही, पर उसे मिला नहीं।
बरेली, आंवला, सिरोली, जाने वाली बस संख्या यूपी 25 डीटी 1557 के फर्स्ट एड बाक्स से भी दवाएं गायब मिलीं। यूपी 78 एल एन 9833 ईदगाह डिपो की बस में भी दवाएं नहीं मिलीं। कुछ बसों से अग्निशमन यंत्र भी गायब मिले। परिवहन निगम के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।