बरेली। शहर के बीचोंबीच बने पुराने बस स्टेशन को मिनी बाईपास पर शिफ्ट करने के साथ उसकी जमीन पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। हालांकि कमिश्नर पहले भी रोडवेज के अधिकारियों के साथ मंथन करने के बाद इसका प्रस्ताव मांग चुके हैं। शासन स्तर से भी इसके लिए कुछ बिंदुओं पर जांच रिपोर्ट मांगी गई थी जिसे डीएम भेज चुके हैं। मिनी बाईपास पर जिला प्रशासन भूमि भी चिह्नित कर चुका है। अब कमिश्नर की ओर से फिर रोडवेज अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है।
अभी तक उत्तराखंड और दिल्ली जाने वाली बसें पुराने रोडवेज बस अड्डे से होकर आती-जाती हैं। इससे अयूब खां और चौपुला चौराहे पर अक्सर जाम लगा रहता है। इसलिए इन जगहों के लिए शहर से बाहर रोडवेज बस अड्डे की जरूरत काफी वक्त से महसूस की जा रही है। शासन ने कुछ माह पहले डीएम से मिनी बाईपास पर केंद्रीय कारागार की खाली भूमि पर नया रोडवेज बस अड्डा बनाने के लिए जमीन की उपलब्धता का रिकार्ड मांगा है। शासन को इन बिंदुओं पर जानकारी देनी थी कि बस अड्डा बनाने के लिए प्रस्तावित आठ एकड़ यानी 32340 वर्गमीटर भूमि का गाटावार रिकार्ड क्या है। इस जमीन का परिवहन निगम के पक्ष में ट्रांसफर के बाद कितनी भूमि इन गोटों में से कारागार के नाम अवशेष रह जाएगी।
तहसील प्रशासन से जांच कराने के बाद डीएम इसकी रिपोर्ट भी भेज चुके हैं। इस प्रोजेक्ट को गति देने के लिए कमिश्नर ने इसमें रोडवेज अधिकारियों से यह प्रस्ताव मांगा था कि रोडवेज जाने के बाद पुराने बस अड्डे की जमीन की उपयोगिता क्या होगी? हालांकि कमिश्नर को इसकी रिपोर्ट मिलनी है। कमिश्नर का कहना है कि रोडवेज अफसरों की फिर मीटिंग बुलाई जा रही है। कमिश्नर का कहना है कि पुराना बस स्टेशन शहर के बीचोंबीच है। इसलिए इस पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जा सकता है। इससे रोडवेज को भी काफी आमदनी होगी। इस प्रोजेक्ट को स्मार्ट सिटी में लाने की कोशिश होगी।
शासन के निर्देश हैं कि रोडवेज बस अड्डों को शहर के बाहर स्थानांतरित किया जाए। इसके तहत पुराने रोडवेज को भी मिनी बाईपास की ओर ले जाने की तैयारी चल रही है। जल्द ही बैठक बुलाकर इस प्रोजेक्ट को गति दी जाएगी।
-रणवीर प्रसाद, कमिश्नर