नगर निगम की जमीन पर अनाधिकृत पार्किंग बनाकर अवैध कमाई करने में डॉक्टर भी किसी से पीछे नहीं हैं। शहर के बड़े नर्सिंग होम्स ने सड़क पर नगर निगम से बिना अनुमति लिए न केवल पार्किंग बना रखी है बल्कि उनको ठेके पर भी उठा रखा है। डॉक्टरों के ठेकेदार इलाज कराने आने वाले मरीज के तीमारदारों से वाहन पार्क करने के नाम पर अनाधिकृत वसूली करते हैं।
सिविल लाइन, राजेंद्रनगर, पीलीभीत बाईपास,रामपुर गार्डन आदि शबी क्षेत्रों में कई अस्पताल और नर्सिंग होम्स ने सड़क के किनारे पार्किंग बना रखी है। राजेंद्र नगर में एक अस्पताल ने सड़क पर पार्किंग बनाकर उस पर अपने कर्मचारी लगा रखे हैं। नर्सिंग होम के ये कर्मचारी प्रति बाइक 10 रुपये और कार खड़ी करने के 25 रुपये वसूलते हैं। रात के वक्त वाहन पार्किंग का रेट बढ़ा दिया जाता है। सड़क पर पार्किंग बनाने से पहले किसी भी अस्पताल ने नगर निगम से अनुमति नहीं ली और न ही नगर निगम को अनाधिकृत रूप से चल रही पार्किंग से कोई राजस्व मिल रहा है। अनाधिकृत पार्किंग के लंबे समय से चल रहे धंधे पर लगाम लगाने में नगर निगम ने भी अब तक ठोस कदम नहीं उठाए हैं।
क्या हैं नियम
बीडीए नियमों के मुताबिक किसी भी नर्सिंग होम या अस्पताल भवन निर्माण का नक्शा स्वीकृत कराने के लिए उसमें पार्किंग का होना आवश्यक है। अगर अस्पताल दो या तीन मंजिल बना है तो प्रत्येक मंजिल के हिसाब से निर्धारित संख्या में वाहनों के लिए पार्किंग होनी चाहिए।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
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‘सड़क पर पार्किंग बनाकर गाड़ियां खड़ी कराना और पैसा वसूलना पूरी तरह गलत है। मैं इस बारे में अपने आईएमए के साथियों से बात करूंगा। आम सहमति बनाकर इसे रोका जाएगा। नगर निगम से भी इस बारे में बात की जाएगी।’
डा. रवीश अग्रवाल, अध्यक्ष आईएमए
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‘मैं इस बात से सहमत हूं कि सरकारी जमीन पर पार्किंग बनाना गलत है। लेकिन मरीज के साथ आने वाला हर तीमारदार चाहता है कि उसका वाहन चोरी न हो। इसकी व्यवस्था अस्पताल को देखनी पड़ती है। इसके लिए पांच या छह कर्मचारी रखने होते हैं। उनका खर्च निकालने के लिए पार्किंग शुल्क लेते हैं।’
डा. प्रमेंद्र महेश्वरी, प्रबंध निदेशक गंगाचरन अस्पताल
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सड़क से हटेगी अवैध पार्किंग
नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव का कहना है कि जिन नर्सिंग होम मालिकों ने सड़क के किनारे नगर निगम की जमीन पर पार्किंग बना रखी है, वह पूरी तरह अवैध है। तीमारदारों से वाहन पार्क करने का शुल्क वसूला जाना भी पूरी तरह अनाधिकृत है। इसे अभियान चलवाकर हटवाया जाएगा। इस बारे में जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से बातकर इसी माह सड़क के किनारे अवैध पार्किंग हटवाने का अभियान चलाया जाएगा।