बरेली। सीवरेज योजना के सेंट्रल जोन फेज थ्री का काम अधूरा है। जगह-जगह सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं। जरा सा चूक हुई तो गहरे गड्ढे में गिरकर चोटिल हो सकते हैं। लोगों की जान खतरे में पड़ रही है, लेकिन अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सेंट्रल जोन फेज थ्री के लिए 42.20 लाख रुपये मंजूर हुए थे। 26 जून 2020 को काम शुरू हुआ और 31 मार्च 2023 तक पूरा होना था, लेकिन अभी तक 30 फीसदी ही काम हुआ है। रामपुर गार्डन स्थित मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की ऑफिसर्स कॉलोनी में 22 अभियंताओं के परिवार रहते हैं। यहां तीन माह पहले सीवर लाइन के लिए खोदाई की गई।
बताया गया था कि एक सप्ताह में गड्ढे बंद कर देंगे पर ऐसा नहीं हो सका। सहायक अभियंता विपुल कुमार शुक्ला ने होली से पहले जल निगम के अवर अभियंता पिंटू कुमार से फोन पर बातचीत की पर सिर्फ आश्वासन मिला।
देरी के सवाल पर जेई नहीं दे सके जवाब
कार्यदायी संस्था जल निगम के जेई पिंटू कुमार से जब देरी को लेकर सवाल पूछा गया तो वह स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। यह दावा जरूर किया कि कहीं गड्ढे नहीं हैं पर जब उन्हें बताया गया कि ऑफिसर्स काॅलोनी में लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं तो बोले कि जल्द गड्ढे भरवाएंगे।
हर कदम मौत का इंतजाम
सड़क के गड्ढों में पानी भरने से मच्छर नींद खराब कर रहे हैं। पैदल चलने में फिसलकर गिरने का खतरा रहता है। - अनिल रावत, सहायक अभियंता
सुबह-शाम कॉलोनी में लोग टहलते थे। जब से सीवर के लिए खोदाई हुई, तब से बुजुर्गों ने टहलना ही बंद कर दिया। - पूजा, गृहणी
नियमत: खोदाई के बाद गड्ढों के चारों ओर से बेरिकेडिंग करानी चाहिए, लेकिन विभाग की ओर से ऐसा नहीं किया गया। - सुकृति, गृहणी
अभियंताओं की कॉलोनी में यह हाल है तो आम लोगों के मोहल्लों में क्या किया होगा। यह सोचने वाली बात है। - गौरव शर्मा, सहायक अभियंता