बरेली में करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गईं नाथ कॉरिडोर की सड़कें कागजों पर चमक रही हैं। हकीकत में वे बनने के एक साल के भीतर ही खस्ताहाल हो गई हैं। कुदेशिया क्रॉसिंग से त्रिवटीनाथ मंदिर होते हुए धर्मकांटा चौराहे तक तीन करोड़ की लागत से बनाई गई सड़क की पटरी पर लगी टाइल्स जगह-जगह धंस गई हैं। कई जगह टाइल्स उखड़ गई हैं। आवागमन के दौरान लोग जख्मी हो रहे हैं, लेकिन अफसर इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सड़कों के निर्माण में मानकों की अनदेखी की वजह से शासन की मंशा पूरी नहीं हुई। बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ए ने दो दिसंबर को निरीक्षण किया तो हकीकत सामने आई। कुदेशिया क्रॉसिंग से त्रिवटीनाथ मंदिर होते हुए धर्मकांटा चौराहे तक तीन करोड़ रुपये से सड़क का चौड़ीकरण एवं सुंदरीकरण प्रस्तावित था। इसी बजट में डामर रोड और उसके दोनों ओर पटरी तथा स्ट्रीट लाइटें लगाना भी प्रस्तावित था, लेकिन कई जगह पटरी बनाई ही नहीं गई।
सरस्वती शिशु मंदिर से थोड़ा आगे हार्टमन पुल के नीचे कई जगह टाइल्स उखड़ गईं हैं। त्रिवटीनाथ मंदिर के सामने की ओर टाइल्स लगाकर पटरी बनाई ही नहीं गई। डामर रोड के किनारे लगाई गईं टाइल्स को सड़क से जोड़ने की खानापूरी की गई है। इसलिए भी टाइल्स टूटकर बिखर गई हैं। त्रिवटीनाथ मंदिर के सामने स्ट्रीट लाइट के खंभे लगे हैं, पर तार बाहर लटक रहे हैं। आए दिन स्पार्किंग होती है। करंट लगने का खतरा भी रहता है।
मैंने खुद सड़क का निरीक्षण किया है। उखड़ी टाइल्स को ठीक कराने के लिए जेई को निर्देश दिया है। -सत्येंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
खतरनाक साबित हो सकता है खुला मैनहोलनैनीताल रोड पर हार्टमन पुल के नीचे सड़क पर मैनहोल खुला है। दो हजार से अधिक स्कूली बच्चे वहां से गुजरते हैं। हर पल कोई न कोई वाहन गुजरता है, लेकिन नगर निगम के अधिकारियों ने मैनहोल को बंद नहीं कराया, जबकि शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य नगर निगम को दो पत्र लिख चुके हैं।
गुणवत्ता का नहीं रखा गया ध्यान
सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। इसी वजह से सड़कें जर्जर हो रही हैं। लोगों को आवागमन में असुविधा हो रही है। - सुनील कुमार सिंह, प्रधानाचार्य, सरस्वती शिशु मंदिर, नैनीताल रोड
त्रिवटीनाथ मंदिर के ठीक सामने ही सड़क के किनारे एक ओर टाइल्स लगीं हैं तो दूसरी ओर सड़क उखड़ी पड़ी है। इस वजह से हादसे होने का डर बना रहता है। - शुभम अग्रवाल, बसंत चौराहा