बरेली। बरेली-बीसलपुर रोड पर आए दिन हादसों में मौतों के बावजूद अफसर संवेदनहीन बने हुए हैं। रोड सेफ्टी के काम न कराए जाने से 30 अक्तूबर को एक बड़े हादसे में नौ लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने कुछ जगहों पर गड्ढे भरने के लिए पैचवर्क जरूर कराया, लेकिन खूनी मोड़ पर रेडियम सिग्नल सहित दूसरे सड़क सुरक्षा के कामों को अब तक नहीं कराया गया है। सरकारी सिस्टम की लापरवाही के खिलाफ क्षेत्रीय लोगों ने कैलाश नदी के पास मिल गौंटिया में हाईवे पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया।
बरेली-बीसलपुर रोड पर अहरोला और दौलतपुर डड़िया के बीच कैलाश नदी के पुल के दोनों ओर करीब एक किलोमीटर में चार खतरनाक मोड़ हैं। यहां पर दौलतपुर डंड़िया में करगैना मोड़ और उसके 100 मीटर आगे मिलक गौंटिया पर तीव्र मोड़ है। कैलाश पुल से करीब 200 मीटर आगे खरदाह और उसके 50 मीटर आगे गौंटिया के पास इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पासभी खूनी मोड़ हैं। 30 अक्तूबर को यहां एक्सीडेंट में नौ लोगों की मौत के बाद यह सामने आया है कि इस रोड पर सेफ्टी के काम तो दूर आए दिन हादसे वाली जगहों को ब्लैक स्पॉट के तौर पर भी चिह्नित नहीं किया गया है, जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश हैं कि एक्सीडेंट वाली जगहों पर हाईवे पर हादसों को रोकने के लिए साइनेज, रेडियम सिग्नल, कैटआई, सफेद पट्टी सहित दूसरे रोड सुरक्षा के काम होने चाहिए, जो अब तक नहीं हुए हैं। इस वजह से इस रोड पर हादसे नहीं रुक पा रहे।
शनिवार को भी इस रोड पर हादसे में दो और लोगों की मौत हो गई है। पीडब्ल्यूडी और एनएच के अधिकारियों की लापरवाही के खिलाफ क्रांतिकारी विचारमंच के संरक्षक देवस्वरूप पटेल के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। इस मौके पर दौलतपुर करेंना के महंत बद्री प्रसाद, मुकेश गंगवार, अंगदपुर खमरिया के मदनलाल, बंजरिया के चंद्रसेन, नरही नौव्वा ब्लॉक के प्रतिपाल सिंह आदि मौैजूद रहे।