बरेली। सेटेलाइट से हवाई अड्डे तक करीब चार किलोमीटर रोड को फोरलेन बनाया जाना है। इससे पहले यह रोड एनएचएआई पीडब्ल्यूडी को ट्रांसफर करेगा। कुछ दिन पहले एनएचएआई के पीडी ने इस रोड के ट्रांसफर होने का लेटर पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर को भेजा था, लेकिन इसमें अड़ंगा यह लगा कि पत्र में एनएचएआई ने रोड की न तो सही लंबाई का ही जिक्र किया था और न ही नक्शा। इसके अलावा उसके कुल क्षेत्रफल का ब्योरा भी नदारद था, जिसके बाद पीडब्ल्यूडी ने फिर से एनएचएआई के पीडी को चिट्ठी लिखते हुए ब्योरा मांगा। इससे चौड़ीकरण का काम भी फिलहाल फंस गया है।
वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल ने भी इस रोड के रोड चौड़ीकरण को लेकर दिलचस्पी दिखाते हुए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को यह काम जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए थे। पीलीभीत हाईवे से जुड़ा सड़क का यह हिस्सा एनएचएआई के पास है। इसका ट्रांसफर पीडब्ल्यूडी को होना है। कुछ दिन पहले एनएचएआई के पीडी बीके बंसल ने पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर प्रमेश गुप्ता को पत्र भेजकर यह जानकारी दी थी कि अब यह सड़क पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर हो चुकी है, जबकि चीफ इंजीनियर ने यह आपत्ति लगाई है कि इस लेटर में न तो सड़क का डिजायन है और न ही यह दर्शाया गया है कि रोड कितनी लंबी और उसकी कहां और कितनी चौड़ाई है। नक्शा स्पष्ट न होने पर चीफ इंजीनियर ने एनएचएआई के पीडी से पूरे रिकार्ड देने को कहा है।
चीफ इंजीनियर ने बताया कि इस रोड का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का काम जल्द से जल्द शुरू कराया जाना है, लेकिन अभी रोड ट्रांसफर की प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो पा रही है, जबकि इस मामले में कमिश्नर भी निर्देश जारी कर चुके हैं।