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एक तो ज्यादा भार फिर अंधाधुंध रफ्तार.. 98 परमिट रद्द

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बरेली। ओवर स्पीड और ओवरलोडिंग के मामलों में निलंबित और निरस्त किए गए वाहनों के परमिट अब आसानी से बहाल नहीं हो पाएंगे। रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी में पहुंचने वाले इन मामलों की अब आरटीओ के बजाय कमिश्नर सुनवाई कर तय करेंगे कि परमिट बहाल किया जाए या नहीं। सोमवार को आरटीए में मोटर वाहन अधिनियम की धारा-86 ए के अंतर्गत ऐसे ही मामलों में 83 परमिट को छह महीने के लिए निलंबित कर दिए गए जबकि 98 परमिट को निरस्त करने का आदेश दिया गया। आरटीए की अगली सुनवाई में तय होगा कि इन्हें दोबारा बहाल किया जाए या नहीं।
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आयुक्त सभागार में आरटीए की बैठक होने के बाद कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने बताया कि स्कूली बसों के संबंध में नई नियमावली तैयार की गई है जिसमें स्कूलों के बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक स्कूल वाहन में अध्यापिकाओं के भी आने-जाने और एलपीजी संचालित वाहनों को सीएनजी में तब्दील करने का प्रावधान किया गया है। कमिश्नर ने यूपी मोटरयान 26वां संशोधन नियमावली का हवाला देते हुए निर्देश दिया है कि किया कि मंडल के सभी डीएम जिला स्कूल परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक कराएं। इसके अलावा स्कूली वाहनों में ई-रिक्शा के संबंध में विशेष प्रावधान किए गए। कमिश्नर ने बैठक में एआरटीओ बदायूं के उपस्थित न होने पर नाराजगी व्यक्त की। इस मौके पर डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह, उप परिवहन आयुक्त वीके सोनकिया, आरटीए के सचिव डॉ. अनिल कुमार गुप्ता सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

भोजीपुरा केंद्र से आटो-टेंपो के परमिट जारी करने का प्रस्ताव खारिज
आरटीए की मीटिंग में भोजीपुरा केंद्र से आटो और टैंपो के परमिट जारी करने के संबंध में प्रस्ताव रखा गया। चर्चा में सामने आया कि नैनीताल रोड पर अत्यधिक दुर्घटनाएं होती हैं। ऐसे में अगर भोजीपुरा से परमिट दिए गए तो वहां आटो और टेंपो का संचालन और ज्यादा बढ़ने से हादसे भी बढ़ सकते हैं। इसके बाद कमिश्नर ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
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