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यूपी में चार की मौत: डंपर में फंसी कार को क्रेन से खींचा, काटने पर निकाले गए घायल; जिंदगी का सबसे दर्दनाक सफर

Tue, 29 Sep 2026 02:58 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत

सार

पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र में असम हाईवे पर पिपरिया दुलई मोड़ के पास सोमवार सुबह डंपर की टक्कर से कार सवार उत्तराखंड के शक्ति फार्म निवासी मां-बेटी समेत चार लोगों की मौत हो गई। हादसे में जान गंवाने वाली एक महिला का बेटा भी घायल हुआ है।
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Road accident - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पीलीभीत के पूरनपुर के थाना इलाके के अंतर्गत असम हाईवे पर हुए भीषण हादसे में कार चला रहे तारक करीब एक घंटे अंदर फंसे रहे। कार का अधिकांश हिस्सा डंपर में घुसकर क्षतिग्रस्त हो गया था। स्थिति को देख पुलिस ने क्रेन मंगाई। उससे खींचकर कार अलग की गई, फिर भी कामयाबी नहीं मिली तो हथौड़ी की मदद से कार को काटा गया। तब कहीं जाकर बुरी तरह फंसे तारक को बाहर निकाला जा सका।
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हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया। दोनों ओर वाहनों की लम्बी कतारें लगी रहीं। वहीं हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी सतर्क हुए। मौके पर पहुंचकर स्थिति को देखा। हादसे के बाद घायलों को सीएचसी पहुंचाया गया। इस दौरान घटनास्थल से लेकर सीएचसी तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।

वहीं घटनास्थल पर दूसरी कार में सवार मृतकों के रिश्तेदार भी बदहवास हो गए। हादसे की स्थिति देख उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हाईवे के किनारे कराकर यातायात को सुचारू किया गया।

 

जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार
पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र में हादसे के परिवहन विभाग की यात्रीकर अधिकारी बार्डिस चतुर्वेदी ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की। इसमें सामने आया कि तेज रफ्तार की वजह से कार का संतुलन बिगड़ गया। इसके चलते सामने से आ रहे वाहन से टकरा गई। जिससे दर्दनाक हादसा हो गया। एआरटीओ सुशील मिश्रा ने बताया जांच के दौरान वाहनों के कागजों की भी जानकारी की गई। जिसमें डंपर के कागज सही पाए गए। 

गलत साइड से आ रहा था डंपर, दर्ज हुआ केस
खुटार रोड पर तिवारी पेट्रोल पंप के पास डिवाइडर की गलत साइड से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने सामने से आ रही डस्टर कार में जोरदार टक्कर मार दी थी। हादसे में कार सवार तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए। हादसे के संबंध में शक्ति फार्म निवासी विक्रम ढाली की तहरीर पर थाना पूरनपुर में डंपर चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

आगे निकला बहनोई रुककर कर रहा था तारक का इंतजार, मिली मौत की खबर
कुछ देर पहले तक मोबाइल पर बहनोई से बात कर रहा तारक शायद यह नहीं जानता था कि यह उसकी जिंदगी की आखिरी बातचीत होगी। खुटार के पास पहुंचकर उसने बहनोई विक्रम से उनकी लोकेशन पूछी और कहा कि वह उसके आने तक रुकें। बहनोई आगे निकल चुके थे, जबकि तारक अपनी कार से पीछे था, लेकिन वह उनके पास पहुंच पाता, इससे पहले ही रास्ते में हुए हादसे ने उसकी जिंदगी छीन ली।
 

काफी देर तक तारक के न पहुंचने पर विक्रम ने फोन किया तो हादसे की जानकारी हुई। इकलौते भाई की मौत की खबर सुनकर तीनों बहनें बदहवास हो गईं। विक्रम ने बताया कि सोमवार सुबह सभी एक साथ कुकरा जाने के लिए निकले थे। पहले एक ही बड़ी कार से जाने की योजना थी, लेकिन तारक ने अपनी कार से जाने की बात कही। इसके बाद दोनों कारों से रवाना हुए। 

 

विक्रम की कार खुटार के पास टोल से कुछ पहले पहुंची तो तारक ने फोन कर लोकेशन पूछी। विक्रम ने खुटार पहुंचने की जानकारी दी। इस पर तारक ने कहा कि उसके आने तक रुक जाना। इसके बाद काफी देर तक तारक नहीं पहुंचा। विक्रम ने उसके मोबाइल पर फोन किया। पहली बार फोन रिसीव नहीं हुआ। 

दूसरी बार किसी अन्य व्यक्ति की आवाज सुनाई दी तो विक्रम ने फोन गलत लगने की आशंका में काट दिया। तीसरी बार फोन किया तो पुलिसकर्मी ने फोन उठाकर हादसे की जानकारी दी।

 

इकलौते भाई की मौत से तीनों बहनों का बुरा हाल
तारक तीन बहनों का इकलौता भाई था। उसकी मौत की खबर से बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। विक्रम ने बताया कि तारक के पिता का बीमारी से और मां का ब्रेन हेमरेज से निधन हो चुका था। शादी के बाद संबंध विच्छेद होने के कारण तारक अकेला रह रहा था। माता-पिता के निधन के बाद तीनों बहनें ही उसकी देखभाल करती थीं। अब उनके सिर से भाई का भी साया उठ गया। तारक बजरंग सेना सितारगंज का जिला उपाध्यक्ष भी था। परिवार में पहले माता-पिता को खोने का गम झेल चुकी बहनों पर अब इकलौते भाई की मौत ने दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है।

खुद घायल हुआ शांतनु ढूंढता रहा मां को, मौत का पता ही नहीं था
रास्ते में छिन गईं मां-बहन और दो रिश्तेदार, हादसे के बाद अस्पताल में सहमा नजर आया शांतनु

घर में नवजात के आने की खुशी थी। रिश्तेदार उसे देखने के लिए उत्साहित थे। साधना भी अपने बेटे और बेटी को साथ लेकर खुटार के लिए निकली थीं। बेटे को क्या पता था कि जिस सफर को वह खुशी के सफर की तरह शुरू कर रहा है, वह उसकी जिंदगी का सबसे दर्दनाक सफर बन जाएगा।

सोमवार सुबह पिपरिया दुलई मोड़ के पास तेज रफ्तार डंपर ने कार में टक्कर मारी तो पलभर में चीख-पुकार मच गई। हादसे में साधना और उनकी बेटी खुशबू समेत चार रिश्तेदारों की मौत हो गई।

 

अस्पताल में मौजूद परिजन ने बताया कि हादसे के बाद घायल बच्चे बदहवास थे। बेटे शांतनु ने कांपती जुबान से बताया कि टक्कर के बाद कार क्षतिग्रस्त होकर सड़क पर रुक गई। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आखिर हुआ क्या है। कुछ देर पहले तक उनके साथ बैठी मां अचानक दिखाई नहीं दे रही थी। वह मां को तलाशता रहा।

आसपास मौजूद लोगों और राहगीरों ने घायल हुए शांतनु और खुशबू को संभाला और बाहर निकाला। हादसे के बाद शांतनु और बहन खुश्बू की हालत देखकर मौके पर मौजूद लोगों का भी कलेजा भर आया।

चोट लगने के बावजूद दोनों बार-बार मां के बारे में पूछ रहे थे। मां को खोने का शांतनु के चेहरों पर साफ नजर आ रहा था। अस्पताल में इलाज के दौरान भी वह सहमा हुआ था। उसकी बहन खुशबू को पूरनपुर पीएचसी से बरेली के मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, वहां उसकी भी मौत हो गई।

 

अस्पताल में चल रहा इलाज, लेकिन सबसे बड़ा दर्द साथ
शांतनु के काफी चोटें आई हैं। लेकिन उसके सामने उससे कहीं बड़ा दर्द है। अस्पताल के बिस्तर पर इलाज करा रहे शांतनु को अब मां और बहन के लौटने का इंतजार है। देर रात तक एहतियातन किसी ने बहन की माैत की जानकारी उसको नहीं दी है।
 

पीलीभीत में भीषण सड़क हादसा
पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र में असम हाईवे पर पिपरिया दुलई मोड़ के पास सोमवार सुबह डंपर की टक्कर से कार सवार उत्तराखंड के शक्ति फार्म निवासी मां-बेटी समेत चार लोगों की मौत हो गई। हादसे में जान गंवाने वाली एक महिला का बेटा भी घायल हुआ है। ये सभी अपने रिश्तेदार के यहां गोला गोकर्णनाथ के गांव कुकरा जा रहे थे। हादसे की वजह डंपर के विपरीत दिशा में तेजी से आना बताया गया है।

 

हादसे में सितारगंज क्षेत्र के शक्ति फार्म निवासी तारक मंडल (36), उनके फुफेरे भाई सनातन की पत्नी साधना गाईन (38), साधना की बेटी खुशबू (17) और तारक के पड़ोस में रहने वाली रिश्तेदार शैफाली राय (60) की मौत हुई। 

तारक के बहनोई विक्रम ने बताया कुछ अन्य रिश्तेदारों के साथ वे लोग दो कारों से कुकरा के लिए रवाना हुए थे। वहां तारक की बहन दीपा के 24 सितंबर को बेटे का जन्म हुआ है। इसी खुशी में वे लोग वहां जा रहे थे। एक कार में तारक और उनका परिवार था, जबकि दूसरी में बहनोई विक्रम, उनकी पत्नी रीता, मौसी सुमित्रा और बच्चे थे।

 

पिपरिया दुलई मोड़ पर हुआ हादसा 
तारक मंडल की कार करीब 11 बजे पूरनपुर इलाके में पिपरिया दुलई मोड़ पर पहुंची तो सामने से आते डंपर ने टक्कर मार दी। इससे तारक, साधना और शैफाली की मौके पर ही मौत हो गई। 
 

विक्रम को इस हादसे की जानकारी खुटार के पास टोल प्लाजा पर पहुंचने पर पुलिस की पहुंची फोन कॉल से हुई। वह लौटकर मौके पर आए और साधना के घायल बेटी खुशबू और बेटे को बरेली के एक निजी मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां शाम को खुशबू की भी मौत हो गई।

 
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एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि खाली डंपर की टक्कर से कार सवार चार लोगों की मौत हुई है। डंपर को कब्जे में ले लिया गया है। चालक की तलाश कराई जा रही है। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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